परी चौक पर सुविधाओं के लिए विधायक ने लिखा पत्र

नवभारतटाइम्स.कॉम

जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने परी चौक पर मूलभूत सुविधाओं की कमी को उजागर किया है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से बस शेल्टर, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और प्रकाश की तत्काल व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। परी चौक से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं, जिन्हें गर्मी और बारिश में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

lack of facilities at pari chowk mla writes letter passengers facing problems

NBT रिपोर्ट, ग्रेनो : शहर के एंट्री पॉइंट परी चौक पर मूलभूत सुविधाओं की कमी का मसला जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने उठाया है। उन्होंने कहा कि परी चौक पर बस शेल्टर , पेयजल सुविधा , बैठने व लाइट की पर्याप्त व्यवस्था की कमी है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को पत्र लिखकर सुविधाएं दुरुस्त करने का अनुरोध किया है।

जेवर विधायक ने कहा कि परी चौक से प्रतिदिन हजारों छात्र, कर्मचारी, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक व ग्रामीण क्षेत्र के लोग यहां से आवागमन करते हैं। उनके लिए पर्याप्त छायादार प्रतीक्षालय, पेयजल और बैठने की व्यवस्था जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। भीषण गर्मी एवं वर्षा के दौरान यात्रियों को खुले में घंटों बसों की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। इससे यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। विधायक ने अथॉरिटी से कहा कि परी चौक क्षेत्र में आधुनिक एवं स्थायी बस शेल्टर, पेयजल सुविधा, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, डिजिटल बस सूचना प्रणाली एवं समुचित प्रकाश व्यवस्था शीघ्र स्थापित कराई जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अथॉरिटी शीघ्र की आवश्यक कार्रवाई करेगी।

सुविधाएं ही नहीं परी चौक से हरियाली भी गायब

जन सुविधा ही नहीं परी चौक से हरियाली भी गायब हो रही है। परी चौक के आसपास की ग्रीन बेल्ट, पार्क, सेंट्रल वर्ज और गोल चक्कर पूरी तरह उपेक्षा का शिकार है। जहां हरियाली होनी चाहिए थी, वहां आज सूखी घास, मुरझाए पेड़-पौधे और बेतरतीब झाड़ियां खड़ी हैं। स्थिति इतनी खराब है कि कई स्थानों पर ग्रीन बेल्ट के पास कूड़े के ढेर जमा हैं, सड़कों के बीच धूल उड़ रही है और मूर्तियों व आसपास के क्षेत्रों की सफाई तक नहीं हो रही। यह नजारा किसी विकसित शहर का नहीं, बल्कि लापरवाही की चरम सीमा का प्रतीक बन चुका है। एक्टिविट सिटीजन टीम के संस्थापक सदस्य हरेंद्र भाटी ने कहा कि उद्यान विभाग को हर साल करोड़ों का बजट मिलता है, लेकिन परी चौक जैसा एरिया बदहाल रहता है।

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