Sugar Control Without Medicine injection Scientists Develop Miraculous Wireless Device
शुगर बढ़ने न पाए
नवभारतटाइम्स.कॉम•
दिलीप लाल
डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए एक ऐसी तकनीक भविष्य में उम्मीद की किरण बन सकती है, जिसमें न दवा की जरूरत होगी और न इंसुलिन के इंजेक्शन की। वैज्ञानिकों ने त्वचा के नीचे लगाया जाने वाला एक छोटा वायरलेस उपकरण विकसित किया है, जो बिजली की मदद से खून में मौजूद अतिरिक्त ग्लूकोज यानी शुगर को शरीर से बाहर निकालता है। चूहों पर किए गए प्रयोग में इस उपकरण ने 60 से 90 मिनट के भीतर बढ़े हुए ब्लड शुगर को सामान्य स्तर पर ला दिया। विज्ञान पत्रिका 'साइंस' में प्रकाशित शोध के मुताबिक, छह सप्ताह तक इस उपकरण के इस्तेमाल से चूहों का वजन 10% तक कम हुआ। उनके खून में ट्राइग्लिसराइड्स यानी एक प्रकार की वसा का स्तर भी घटा। करीब तीन सेंटीमीटर लंबे इस इंप्लांट में सोने की परतों और प्लैटिनम के कणों से बना एक विशेष उत्प्रेरक (कैटेलिस्ट) लगा है। बिजली मिलने पर यह खून में मौजूद ग्लूकोज को ग्लूकोनेट नामक यौगिक में बदल देता है, जिसे गुर्दे यूरिन के जरिये शरीर से बाहर निकाल सकते हैं। इस उकरण को ग्लूकोज मॉनिटर और स्मार्टफोन से जोड़ा जा सकता है। हालांकि, अभी यह प्रयोग केवल चूहों पर हुआ है। मनुष्यों में इसके इस्तेमाल से पहले कई चुनौतियां हैं। लेकिन, उम्मीद की नई राह जरूर दिखी है।