इस रविवार को दीपावली के लिए पंचांग और शुभ मुहूर्त: जानें विशेष जानकारी
इस रविवार को दीपावली के लिए पंचांग और शुभ मुहूर्त: जानें विशेष जानकारी
NewsPoint•
नई दिल्ली, 7 नवंबर। हिंदू धर्म में पंचांग का बहुत महत्व है। जब भी कोई शुभ कार्य, यात्रा या निवेश करना होता है, पंचांग जरूर देखा जाता है। यह एक कैलेंडर है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है। इस बार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शनिवार को सुबह 10:48 बजे शुरू होगी और अगले दिन रविवार को सुबह 11:28 बजे तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या की तिथि आएगी, जो 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी। रविवार को सूर्योदय सुबह 6:40 बजे और सूर्यास्त शाम 5:41 बजे होगा।
रविवार को दीपावली का पावन पर्व मनाया जाएगा। मां लक्ष्मी की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक रहेगा। प्रदोष काल शाम 5:41 बजे से रात 8:17 बजे तक चलेगा। निशिता काल, यानी रात की पूजा का समय रात 11:44 बजे से मध्य रात्रि 12:36 बजे तक होगा। अगर हम ऑफिस में पूजा के लिए शुभ मुहूर्त की बात करें, तो दोपहर 1:26 बजे से 2:54 बजे तक का समय अच्छा माना जाएगा।पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य देव विशाखा नक्षत्र में रहेंगे। ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव इस नक्षत्र में होते हैं, तो व्यक्ति के स्वभाव और कार्यक्षेत्र पर बड़ा असर होता है। विशाखा नक्षत्र के देवता इंद्र और अग्नि हैं। इससे व्यक्ति के अंदर उच्च पद प्राप्त करने, अधिकार जमाने और जीत हासिल करने की तीव्र इच्छा होती है। चाहे राजनीति हो, प्रशासन, कानून या प्रबंधन, इस स्थिति से उत्कृष्टता की प्रेरणा मिलती है।
रविवार तड़के 3:27 बजे आयुष्मान योग का समय रहेगा, जो सोमवार सुबह 3:02 बजे तक चलेगा। ज्योतिष के मुताबिक, आयुष्मान योग 27 नित्य योगों में से तीसरा योग है। इसके स्वामी चंद्रमा हैं, या कुछ मान्यताओं में देवगुरु बृहस्पति या शिव। इस योग में जन्मे जातक सामान्यतः ऊर्जावान, सकारात्मक और अच्छे स्वास्थ्य वाले होते हैं।
इस दिन अभिजीत मुहूर्त भी रहेगा, जो सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक के बीच होगा। यह मुहूर्त अक्सर दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। जब सूर्य सिर के ठीक ऊपर होता है, तब अभिजीत मुहूर्त की बेला होती है। इसे 48 मिनट का माना जाता है, इसलिए इस समय किए गए कार्यों से सभी प्रकार के अशुभ प्रभाव दूर होने की संभावना होती है।
रविवार की रात 10:01 बजे से 11:43 बजे तक अमृतकाल रहेगा। ये समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक ऐसा शुभ समय है, जो उचित फल देता है। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की अधिक संभावना होती है। नया व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए यह समय बहुत अच्छा है।
रविवार को राहुकाल शाम 4:18 बजे से 5:41 बजे तक रहेगा। ज्योतिष के अनुसार, यह समय किसी भी नए या शुभ कार्य के लिए अशुभ माना जाता है। राहुकाल की गणना सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को आठ भागों में बांटकर की जाती है। इस 90 मिनट के समय में नए काम की शुरुआत करने से बचना चाहिए। लेकन जिन कार्यों की शुरुआत पहले से हो चुकी है, उन्हें जारी रखा जा सकता है।
इसके अलावा, यमगंड काल भी रहेगा, जो दोपहर 12:10 बजे से 1:33 बजे तक होगा। यह समय मृत्यु के देवता यमराज से संबंधित है और इसे नए कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। इस दौरान स्वास्थ्य और दीर्घायु से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना ही बेहतर रहेगा।
इसके बाद गुलिक काल दोपहर 2:55 बजे से 4:18 बजे तक होगा। इसे ‘विषैला समय’ भी कहा जाता है। यह एक ऐसा समय है जिसमें किए गए कार्य नकारात्मक परिणाम देते हैं। हालांकि, जो कार्य पहले से चल रहे हैं, उन्हें किया जा सकता है। बैंक में पैसे जमा करना या दान देना इस काल में शुभ माना जाता है।
रविवार को सूर्य तुला राशि में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य तुला राशि में प्रवेश करता है, तो इसे सूर्य का नीच होना कहा जाता है। सूर्य अग्नि तत्व का कारक है, जबकि तुला राशि वायु तत्व के पुलिस में आती है। इस स्थिति में आत्मबल या ऊर्जा थोड़ी कमजोर हो सकती है। इससे नए फैसले लेने में कठिनाई हो सकती है।
इस दिन चंद्र देव भी तुला राशि में विराजमान रहेंगे। तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं, जो सुंदरता, प्रेम और सुख-सुविधाओं के प्रतीक हैं। इस राशि का चंद्रमा जातक को मिलनसार, आकर्षक और कलाप्रेमी बनाता है। उसे सफाई और सजने-संवरने का शौक रहता है।
इसके अलावा, रविवार को दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस दिशा को कहते हैं, जिसमें यात्रा करना अशुभ माना जाता है। इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए।
इस तरह, रविवार का दिन दीपावली के पर्व के साथ बेहद महत्वपूर्ण है। इसे अच्छी तरह से जानने और समझने के बाद ही आपको अपने शुभ कार्यों की योजना बनानी चाहिए। इस दिन के पंचांग के अनुसार समय का ध्यान रखते हुए कार्य करना अत्यंत लाभप्रद रहेगा।