एएमयू छात्रसंघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष नोमान अशरफ ने उठाए छात्र मुद्दे और वादों को पूरा करने का लिया संकल्प
एएमयू छात्रसंघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष नोमान अशरफ ने उठाए छात्र मुद्दे और वादों को पूरा करने का लिया संकल्प
NewsPoint•
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) छात्रसंघ के नए अध्यक्ष नोमान अशरफ ने कहा है कि आठ साल बाद हुए छात्रसंघ चुनाव के बाद उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता छात्रों से किए गए वादों को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रों के सामने कई गंभीर समस्याएं हैं, जिनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इन समस्याओं में हॉस्टल की स्थिति, खाने की व्यवस्था, रोजगार और प्लेसमेंट, महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद शामिल हैं।
नोमान अशरफ ने चुनाव के बाद पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि छात्रसंघ चुनाव के लंबे अंतराल के दौरान छात्रों की समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। चुनाव प्रचार के दौरान जो वादे किए गए थे, उनका तेजी से निवारण करना उनकी प्राथमिकता है। वे जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि छात्रों की अपेक्षाओं को पूरा करना उनका कर्तव्य है और वह समस्याओं को क्रमबद्ध तरीके से हल करेंगे।नोमान ने अपने वायरल बयानों पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा, "मेरे बयान को पूरे संदर्भ में समझने के बजाय तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश की जा रही है।" उन्होंने आगे कहा, "लोगों को पहले मेरा पूरा बयान सुनना चाहिए और समझना चाहिए कि मैंने वास्तव में क्या कहा था।" उन्होंने अपने बयान में इंडिया के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप और गंगा-जमुनी तहजीब का जिक्र किया। साथ ही, उन्होंने सर सैयद के एक कथन को भी उद्धृत किया। अशरफ ने स्पष्ट किया कि यदि बयान का एक हिस्सा अलग से प्रस्तुत किया जाता है, तो उसका वास्तविक संदर्भ बदल जाता है।
मुस्लिम राजनीतिक नेतृत्व के प्रति प्रतिक्रियाओं पर नोमान अशरफ ने कहा कि "किसी भी मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराना चाहिए।" उन्होंने कहा कि अदालत को अपना फैसला सुनाने देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बिना न्यायिक फैसले के किसी को आतंकवादी घोषित नहीं किया जाना चाहिए।
छात्रसंघ चुनाव के महत्व पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि "छात्र राजनीति का देश में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।" एएमयू से कई ऐसे नेता निकले हैं जिन्होंने देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव नियमित रूप से होने चाहिए, ताकि छात्रों की आवाज़ केवल विश्वविद्यालय की चारदीवारी तक सीमित न रहे, बल्कि राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे।
अशरफ ने हॉस्टल की समस्याओं के बारे में कहा कि "छात्रों को हॉस्टल में उचित कमरे नहीं मिल पाने, खाने की व्यवस्था और नौकरी एवं प्लेसमेंट से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।" इसके साथ ही, उन्होंने महिला सुरक्षा और सुरक्षा को भी एक बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय में समस्याओं का अंबार है और उनका समाधान प्राथमिकता तय करके चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
नोमान ने कहा कि "भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद भी गंभीर समस्या है।" विश्वविद्यालय में पाई जाने वाली समस्याओं को जल्द से जल्द सुलझाने का इरादा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए छात्रों को साथ मिलकर चलना होगा।
इस तरह, नोमान अशरफ ने स्पष्ट किया कि वे एएमयू के छात्रों की समस्याओं का समाधान करके उनके साथ खड़े रहेंगे। वे छात्रों की समस्याओं को सुनेंगे और उन्हें हल करने के लिए गंभीरता से काम करेंगे। उनकी प्राथमिकता छात्रों से किए गए वादों को निभाना है और वे इस दिशा में काम करने की पूरी कोशिश करेंगे।