राइमा सेन: शाही परिवार की नसीब से बनी फिल्म स्टार की अद्भुत यात्रा

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Navbharat Times
मुंबई, 6 नवंबर (आईएएनएस)। अभिनेत्री राइमा सेन ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने का फैसला किया, जबकि उनका संबंध एक शाही परिवार से है। राइमा का जन्म 7 नवंबर 1979 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता त्रिपुरा के शाही परिवार के सदस्य हैं, और उनकी दादी कूच बिहार की राजकुमारी थीं। उनके परिवार में कई जानी-मानी हस्तियां हैं, जिनमें उनकी मां मुनमुन सेन और नानी सुचित्रा सेन शामिल हैं। अभिनय में उनकी रुचि इन्हीं परिवार के प्रभाव से विकसित हुई।

राइमा ने अपने करियर की शुरुआत 1999 में फिल्म 'गॉडमदर' से की। इस फिल्म में उनके अभिनय की काफी प्रशंसा हुई। इसके बाद उन्होंने 'दमन' फिल्म में भी काम किया। बंगाली सिनेमा में रितुपर्णो घोष द्वारा बनाई गई फिल्म 'चोखेर बाली' में ऐश्वर्या राय के साथ उनकी भूमिका को विशेष सराहना मिली। राइमा का नाम प्रमुख बंगाली फिल्मों में भी जुड़ चुका है जैसे 'बैशे श्राबोन', 'नौका डूबी', 'हृद मझारे' और 'माछ मिष्टी एंड मोर'।
राइमा की एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर थी फिल्म 'परिणीता', जो 2005 में आई। इस फिल्म में उन्होंने विद्या बालन और सैफ अली खान के साथ काम किया। इस फिल्म ने उन्हें हिंदी सिनेमा में बड़ी पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने 'बैशे श्राबोन' में भी अपनी भूमिका के लिए तारीफें बटोरीं।

वहीं, राइमा ने 'द जापानी वाइफ', 'हनीमून ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड', 'द वैक्सीन वॉर' और 'मिस्ट्री चेज़' जैसी फिल्मों में भी अपने अभिनय का जलवा दिखाया है। वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय हैं। उनकी प्रमुख वेब सीरीज में 'हैलो!', 'द लास्ट ऑवर' और 'माई' शामिल हैं।

राइमा सेन की संघर्ष की कहानी एक प्रेरणा है। शाही परिवार से आने के बावजूद, उन्होंने अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। उनकी यात्रा दर्शाती है कि सपने देखने से और उन्हें साकार करने से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने साबित कर दिया कि रुतबे का मतलब यह नहीं है कि सफलता आसान होगी, बल्कि मेहनत और लगन से ही मान्यता हासिल की जाती है।

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