राकेश सिन्हा ने युवा दमन के खिलाफ सरकार पर आरोप लगाए, कहा सत्ता परिवर्तन निश्चित है
राकेश सिन्हा ने युवा दमन के खिलाफ सरकार पर आरोप लगाए, कहा सत्ता परिवर्तन निश्चित है
NewsPoint•
रांची, 5 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने सरकार पर युवाओं के दमन का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरते हैं, तो उन पर पैलेट गन चलाई जाती है, जिससे उनकी आंखों की रोशनी छीन ली जाती है। इस पर एफआईआर तक नहीं की जाती। सिन्हा ने चेतावनी दी कि जब-जब युवा भड़के हैं, सत्ता का परिवर्तन हुआ है। इस बार भी लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता में बदलाव होगा।
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं पर दमन का प्रयोग कर रही है। उन्होंने कहा, "जिस तरह से युवा तड़प रहे हैं, अगर युवा सड़क पर उतरकर अपनी मांग रखते हैं, तो आप उनके ऊपर पैलेट गन चला दोगे, आप उनकी आंखों की रोशनी छीन लोगे और एफआईआर तक नहीं करोगे।" उन्होंने आगे कहा कि एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी राहुल गांधी को सड़क पर उतारना पड़ा। ऐसा लगता है कि पुलिस और सरकार युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। सिन्हा ने कहा कि अगर यही मानसिकता और हालात बने रहेंगे, तो युवा कब तक अपनी आवाज दबाएंगे? इतिहास इस बात का गवाह है कि जब भी युवा आक्रोशित हुए हैं, तब सत्ताधारी पार्टी को बदलना पड़ा है। उन्होंने कहा, "इसलिए सत्ता परिवर्तन होकर रहेगा।" राकेश सिन्हा ने जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस पसंद की राजनीति कर रही है।
उन्होंने दिग्विजय सिंह के हिंदुत्व वाले बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि "सनातन सबसे पुराना धर्म है। यह नफरत फैलाने की बात नहीं करता है।" उन्होंने हिंदुत्व से दूर रहने की सलाह दी और कहा कि इससे दिल और दिमाग में नफरत उत्पन्न होती है। वहीं, उन्होंने यह भी बताया कि सनातन धर्म सर्वधर्म समभाव का प्रतिनिधित्व करता है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं और लोग एसआईआर (सर्विस इंस्टीट्यूट ऑफ़ डेवेलपमेंट) के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम तो कह रहे हैं कि चुनाव बैलेट पेपर से हों।" यह सवाल उठाया गया कि जिस देश ने ईवीएम का आविष्कार किया, वह आज ईवीएम को नकारने की स्थिति में है। तब सरकार बैलेट पेपर से चुनाव कराने से क्यों डर रही है?
उन्हें केरल के कोच्चि में पार्टी द्वारा जंतर-मंतर दिवस के तहत प्रदर्शन का ऐलान भी करना था। उन्होंने कहा कि पूरे देश में सीईसी (मुख्य चुनाव आयुक्त) के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता हों या आम लोग, सब एकजुट होकर यह सवाल कर रहे हैं कि "लोकतंत्र बड़ा है या ज्ञानेश कुमार बड़े हैं?" लेकिन अब तक ज्ञानेश कुमार का हटाया जाना नहीं हो पाया है।
राकेश सिन्हा ने कहा, "जब देश के युवा अपने हक, अधिकार और भविष्य के लिए सड़कों पर उतरते हैं, तो उनके ऊपर पैलेट गन चलाई जाती है और उनकी आंखों की रोशनी छीन ली जाती है। यही सबसे बड़ी अराजकता है।" उन्होंने यह स्पष्ट किया कि युवाओं का संघर्ष लोकतांत्रिक है और सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए।