आंध्र प्रदेश में चुनावों के दौरान वाईएसआरसीपी नेताओं की गिरफ्तारी, बैलेट बॉक्स को लेकर हुआ विवाद

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Navbharat Times
आंध्र प्रदेश में एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनावों के लिए गुरुवार को मतदान हुआ। इस दौरान एक चुनाव अधिकारी द्वारा बैलेट बॉक्स को ‘दूसरी तरफ ले जाने’ पर विरोध प्रदर्शन हुआ। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता और एमएलसी लेल्ला अप्पी रेड्डी समेत कई लोगों को शुक्रवार तड़के गुंटूर में गिरफ्तार किया गया। वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि उनके नेताओं ने एक चुनाव अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा जब वह मतपेटी को तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेताओं के पास ले जा रहा था।

गुरुवार को मतदान खत्म होने के बाद, वाईएसआरसीपी के नेताओं ने देखा कि मतपेटी को एक चुनाव अधिकारी ने नल्लापाडु सेंटर पर रोककर एक तरफ रखा। जब वह मतपेटी को टीडीपी नेताओं की ओर ले जा रहा था, उस समय वाईएसआरसीपी के एक उम्मीदवार ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद वाईएसआरसीपी के नेता नल्लापाडु में दो घंटे तक धरना प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान एमएलसी लेल्ला अप्पी रेड्डी भी वहां पहुंचे और विरोध में शामिल हो गए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और अप्पी रेड्डी समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव कर्मचारियों के कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया और मतपेटी को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की। इन सभी को नल्लापाडु पुलिस स्टेशन ले जाकर कानूनी कार्रवाई की गई। चुनाव अधिकारी ने अपनी सफाई में कहा कि मतपेटी को दूसरी गाड़ी में रखा जा रहा था, लेकिन वाईएसआरसीपी नेताओं ने उसे छीन लिया।

इसी बीच, अनंतपुर जिले में एक घटना में पुलिस ने 60 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला उस समय की है जब कुछ लोग मतदान केंद्र में घुसकर मतपेटी उठाकर उसे नुकसान पहुंचा गए थे। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा, चुनाव कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी करने से रोकने के गंभीर आरोप में पांच अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

गुरुवार को राज्य भर में मंडल परिषद और जिला परिषद के निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हुए मतदान के दौरान कुछ हिंसक घटनाएं भी हुई हैं। पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि 15 जिलों से 37 ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर इन घटनाओं में शामिल जिम्मेदार लोगों की पहचान करें और चुनाव में गड़बड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें।

मतदान के दौरान हुई हिंसा और विरोध प्रदर्शन ने चुनाव की प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। वाईएसआरसीपी और टीडीपी के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही चुनावी वातावरण गरमाने का खतरा भी बढ़ गया है। सभी की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई और मतदान प्रक्रिया के सही तरीके पर हैं। चुनावी नतीजों के बाद हालात और भी ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।

इस घटनाक्रम ने आंध्र प्रदेश की चुनावी राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। वाईएसआरसीपी को उम्मीद है कि वे जल्द हालात को संभाल लेंगे, जबकि टीडीपी अपनी जीत के लिए आशान्वित है। लेकिन अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस और चुनाव आयोग इन मामलों को कैसे संभालते हैं।

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