अंगद की ललकार से गूंजा रावण दरबार, संजीवनी से जागे लक्ष्मण

नवभारतटाइम्स.कॉम•
angads challenge and lakshmans rebirth with sanjeevani thrill in ramleelas
n NBT न्यूज, गुड़गांव

कहीं रावण को समझाने पहुंचे अंगद के प्रयासों के बाद युद्ध का ऐलान हुआ, तो कहीं मेघनाद के प्रहार से मूर्छित लक्ष्मण को संजीवनी बूटी से नया जीवन मिला। शहर की रामलीलाओं में कई प्रसंगों का शानदार मंचन किया गया। दर्शकों ने भी इसका जमकर लुत्फ उठाया।
जैकमपुरा स्थित श्री दुर्गा रामलीला में लंका दहन के बाद हनुमान जी ने श्रीराम को सीता माता का संदेश दिया। रामसेतु निर्माण कर वानर सेना लंका पहुंची। अंगद को रावण के दरबार में भेजा गया, इसके बाद युद्ध का ऐलान हो गया। अंगद का पैर रावण के योद्धा नहीं हिला सके। न्यू कॉलोनी स्थित गीता भवन की रामलीला में मेघनाद व लक्ष्मण के बीच युद्ध हुआ। लक्ष्मण के मूर्छित होने पर हनुमानजी संजीवनी बूटी की पहचान नहीं होने पर पर्वत उठा लाए। इसके बाद लक्ष्मण स्वस्थ होकर फिर युद्ध के लिए तैयार हुए। वहीं श्री प्रेममंदिर रामलीला में भी रावण-अंगद संवाद, लक्ष्मण मूर्छा और संजीवनी बूटी लाने के प्रसंगों का मंचन किया गया।

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