पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर दिल्ली पुलिस ने हटाई सुरक्षा, भारत पाकिस्तान तनाव के बीच जवाबी कार्रवाई
पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर दिल्ली पुलिस ने हटाई सुरक्षा, भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच जवाबी कार्रवाई
NewsPoint•
नई दिल्ली, 20 अगस्त: भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक तनाव के बीच, दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर से ट्रैफिक बोलार्ड और बैरिकेड्स हटा दिए हैं। यह कदम इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर पाकिस्तान द्वारा की गई इसी तरह की कार्रवाई के जवाब में उठाया गया है। दोनों देशों के बीच यह जवाबी कार्रवाई जम्मू-कश्मीर को लेकर चल रही कूटनीतिक गतिविधियों और सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर बढ़ते तनाव के बीच हुई है।
दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर से सुरक्षा अवरोधकों को हटा दिया है। ये अवरोधक लंबे समय से उच्चायोग परिसर की बाहरी सुरक्षा का हिस्सा थे। भारत का यह कदम पाकिस्तान की ओर से इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर से पार्किंग पोल हटाने के कुछ दिनों बाद आया है। इस तरह के प्रशासनिक कदम दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने पर पहले भी देखे गए हैं।भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण चल रहे हैं। इस बीच, दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर से सुरक्षा अवरोधकों को हटाना, इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर पाकिस्तान की कार्रवाई का सीधा जवाब माना जा रहा है। कुछ दिन पहले, पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर लगे पार्किंग पोल हटा दिए थे। इसके तुरंत बाद, भारत ने भी पाकिस्तान के राजनयिक मिशन के बाहर अपनी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया।
यह घटनाक्रम जम्मू-कश्मीर को लेकर चल रही कूटनीतिक गतिविधियों के बीच सामने आया है। हाल ही में, जम्मू-कश्मीर की यात्रा के दौरान, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस क्षेत्र को भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था। उनके इस बयान को भारत-पाकिस्तान संबंधों के मौजूदा संदर्भ में काफी अहम माना जा रहा है।
भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनाव का सबसे बड़ा कारण सीमा पार आतंकवाद है। पाकिस्तान की धरती से भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों में और गिरावट आई थी। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद, भारत ने आतंकवादी ढांचों के खिलाफ "ऑपरेशन सिंदूर" शुरू किया था। इस ऑपरेशन के तहत, पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
समय-समय पर, दोनों देश एक-दूसरे के राजनयिक कर्मचारियों की संख्या कम करने, उनकी आवाजाही और पहुंच पर प्रतिबंध लगाने, और मिशन से जुड़ी सुविधाओं को सीमित करने जैसे फैसले लेते रहे हैं। ऐसे में, दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहरी सुरक्षा घेरे को हटाना भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। यह दिखाता है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर किस तरह की प्रतिक्रियाएं चल रही हैं।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर इस तरह के जवाबी प्रशासनिक कदम पहले भी सामने आते रहे हैं। यह एक तरह की "आंख के बदले आंख" वाली कूटनीति का उदाहरण है, जहां एक देश द्वारा की गई कार्रवाई के जवाब में दूसरा देश भी वैसी ही कार्रवाई करता है। यह स्थिति दोनों देशों के बीच संबंधों को और जटिल बनाती है।
इस पूरे घटनाक्रम को जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर चल रही कूटनीतिक गतिविधियों के बीच देखना महत्वपूर्ण है। अमेरिकी राजदूत का बयान और उसके बाद सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव, यह दर्शाता है कि यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में कितना संवेदनशील बना हुआ है। सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा भारत के लिए हमेशा से एक बड़ी चिंता का विषय रहा है, और पाकिस्तान द्वारा इसे बढ़ावा देना संबंधों में सुधार की राह में एक बड़ी बाधा है।