इजरायल तुर्की तनाव: मोसाद प्रमुख की सीरियाई अधिकारी से फोन पर बातचीत, नेतन्याहू की चेतावनी
इजरायल-तुर्की तनाव: मोसाद प्रमुख की सीरियाई अधिकारी से फोन पर बातचीत, नेतन्याहू की चेतावनी
NewsPoint•
यरुशलम, 20 अगस्त: इजरायल और तुर्की के बीच सीरिया को लेकर बढ़ते तनाव के बीच इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख रोमन गोफमैन ने सीरियाई विदेश मामलों के प्रमुख असद हसन अल-शिबानी से फोन पर बातचीत की। यह पहली बार है जब गोफमैन के मोसाद प्रमुख बनने के बाद दोनों के बीच यह संपर्क हुआ है। बातचीत का मुख्य मुद्दा सीरिया में तुर्की की बढ़ती सैन्य मौजूदगी था। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि इजरायल सीरिया में तुर्की की ऐसी किसी भी सैन्य बढ़ोतरी को बर्दाश्त नहीं करेगा जो इजरायल के लिए खतरा बने।
इजरायल ने मंगलवार को सीरिया के अबू अल-दुहुर हवाई अड्डे पर हमला किया था। नेतन्याहू ने इस हमले का जिक्र करते हुए कहा, "हमने अपना संदेश साफ कर दिया था। जाहिर है उन्होंने इसे ठीक से नहीं सुना, इसलिए हमने यह सुनिश्चित किया कि वे इसे बेहतर तरीके से समझें।" इजरायल का कहना है कि यह हमला इसलिए किया गया क्योंकि दमिश्क ने वहां तुर्की सेनाओं को तैनात करने की इजाजत दी थी। वहीं, तुर्की ने इस दावे को खारिज करते हुए इजरायल पर सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।मंगलवार की सुबह, इजरायली लड़ाकू विमानों ने उत्तर-पश्चिमी सीरिया के इदलिब प्रांत में स्थित अबू अल-दुहुर सैन्य हवाई अड्डे के रनवे पर आठ हवाई हमले किए। इस घटना के बाद, बुधवार को इजरायल के सेना प्रमुख इयाल जमीर ने दक्षिणी सीरिया का दौरा किया। सेना ने बताया कि यह दौरा हवाई हमलों के बाद हुआ है।
अपने दौरे के दौरान, इयाल जमीर ने कहा, "हम अपनी सीमाओं पर शत्रु ताकतों को पैर नहीं जमाने देंगे। हम देख रहे हैं कि क्या हो रहा है और सीरियाई मोर्चे पर हो रहे बदलावों पर नजर रख रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "हम अभी भी कई मोर्चों पर युद्ध में हैं, सभी मोर्चों पर सतर्क हैं और काम कर रहे हैं। किसी भी मोर्चे पर तनाव बढ़ सकता है, इसलिए हमें लगातार तैयार रहना होगा।"
सेना के अनुसार, इयाल जमीर ने वरिष्ठ कमांडरों के साथ एक सुरक्षा समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने दक्षिणी सीरिया में इजरायली सैनिकों से भी मुलाकात की। इजरायल दक्षिणी सीरिया में एक 'सुरक्षा क्षेत्र' में काम कर रहा है।
यह घटनाक्रम सीरिया में इजरायल और तुर्की के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। इजरायल सीरिया में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है और तुर्की की सैन्य गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहा है। मोसाद प्रमुख और सीरियाई अधिकारी के बीच यह फोन कॉल इस चिंता को दर्शाता है। इजरायल का मानना है कि सीरिया में तुर्की की बढ़ती मौजूदगी उसके लिए खतरा पैदा कर सकती है।
नेतन्याहू का बयान इस बात का संकेत देता है कि इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। अबू अल-दुहुर हवाई अड्डे पर हुआ हमला इसी का एक उदाहरण है। इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाएगा।
सेना प्रमुख जमीर का दौरा भी इसी रणनीति का हिस्सा है। वह जमीनी हकीकत का जायजा ले रहे हैं और सैनिकों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दे रहे हैं। सीरियाई मोर्चे पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
यह स्थिति जटिल है क्योंकि सीरिया में कई देशों के हित जुड़े हुए हैं। इजरायल, तुर्की और सीरियाई सरकार के बीच यह तनाव क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए चिंता का विषय है। इजरायल अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार है।