भारतीय शेयर बाजार में सात सत्रों की गिरावट के बाद लौटी तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में खुले
भारतीय शेयर बाजार में सात सत्रों की गिरावट के बाद लौटी तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में खुले
NewsPoint•
मुंबई, 20 अगस्त: वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट के चलते भारतीय शेयर बाजार में सात दिनों की गिरावट के बाद जोरदार वापसी हुई है। बुधवार को बीएसई सेंसेक्स 558.77 अंक उछलकर 77,468.45 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 50 ने 147.15 अंक की बढ़त के साथ 24,225.45 पर कारोबार की शुरुआत की। यह तेजी विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी और तकनीकी सुधार की उम्मीदों से बढ़ी है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर बॉन्ड यील्ड में नरमी बनी रही और विदेशी निवेश जारी रहा तो बाजार में और सुधार देखने को मिल सकता है, हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति पर नजर रहेगी।
सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन, यानी बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में रौनक लौट आई। वैश्विक बाजारों से मिले अच्छे संकेतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में आई नरमी के चलते बाजार ने जोरदार वापसी की। यह तेजी लगातार सात दिनों की गिरावट के बाद आई है, जिसने निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 76,909.68 से 0.72 प्रतिशत यानी 558.77 अंक की छलांग लगाकर 77,468.45 पर खुला। दिन के कारोबार के दौरान, सेंसेक्स ने 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,494.79 का उच्चतम स्तर और 77,375.75 का निम्नतम स्तर भी छुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी अपने पिछले बंद स्तर 24,078.30 से 0.61 प्रतिशत यानी 147.15 अंक की बढ़त के साथ 24,225.45 पर खुला, जो दिन का उच्चतम स्तर रहा। निफ्टी ने दिन में 24,184.55 का निम्नतम स्तर भी देखा। खबर लिखे जाने तक, सेंसेक्स 532.60 अंक या 0.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,442.28 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50, 121.10 अंक (0.50 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 24,199.40 पर कारोबार करता नजर आया।बाजार में यह सुधार सिर्फ बड़े सूचकांकों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक बाजारों में भी इसका असर दिखा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.56 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सेक्टरवार देखें तो निफ्टी के लगभग सभी इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड करते नजर आए। इनमें निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी मीडिया, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी में सबसे ज्यादा बढ़त देखी गई। इसके अलावा, मिडस्मॉल आईटी, टेलीकॉम और मेटल शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई, जिससे इन क्षेत्रों में भी तेजी आई।
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार पिछले 12 कारोबारी सत्रों से दबाव में था, लेकिन अब तकनीकी संकेतक एक अल्पकालिक सुधार की संभावना दिखा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट कवरिंग (जब गिरावट के बाद निवेशक शेयर वापस खरीदते हैं) और बेहतर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, निफ्टी ने 24,060 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर से मजबूत वापसी की है। चार घंटे के चार्ट पर एक तेजी का संकेत देने वाला पैटर्न बनने से बाजार में रिकवरी की उम्मीदें बढ़ी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि निफ्टी 24,200 से 24,260 के दायरे के ऊपर बना रहता है, तो इसमें और तेजी आ सकती है। इस स्थिति में, सूचकांक 24,380 से 24,540 के स्तर तक पहुंच सकता है। वहीं, 24,060 का स्तर फिलहाल एक महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में काम कर रहा है। यदि यह स्तर टूटता है, तो निफ्टी में गिरावट बढ़कर 23,575 तक जा सकती है। यह बताता है कि 24,060 का स्तर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
निवेशक गतिविधि के मोर्चे पर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखी और बुधवार को 407 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार सातवें सत्र में खरीदार रहे और उन्होंने 3,973 करोड़ रुपए का निवेश किया। एफआईआई और डीआईआई दोनों की लगातार खरीदारी बाजार को मजबूती दे रही है।
वैश्विक बाजारों से भी भारतीय शेयर बाजार को समर्थन मिला। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका अपनी दीर्घकालिक ट्रेजरी प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद पर विचार कर रहा है, जिससे उधारी लागत कम करने में मदद मिल सकती है। इस खबर के बाद वैश्विक बॉन्ड बाजार और इक्विटी बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूती रही। वहीं, अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 सूचकांक 0.21 प्रतिशत और नैस्डैक 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
इस बीच, अमेरिका-ईरान तनाव के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई हैं। ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का भाव 84.52 डॉलर प्रति बैरल के करीब रहा। कच्चे तेल की कीमतें बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बॉन्ड यील्ड में नरमी बनी रहती है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में निकट अवधि में और सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति निवेशकों की निगाह में बनी रहेंगी। ये दोनों कारक बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।