झारखंड मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने पर कहा, उम्मीदवार कोर्ट जा सकते हैं

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Navbharat Times
रांची, 20 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों की मांगों और रांची में छात्र आंदोलन के खत्म होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जेएसएससी और जेपीएससी को लेकर सरकार के साहसिक फैसले की सराहना की। मंत्री तिर्की ने यह भी कहा कि जेएसएससी-सीजीएल के चयनित उम्मीदवार परीक्षा रद्द करने के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड में छात्रों का विरोध प्रदर्शन करीब 20-25 दिनों से लगातार चल रहा था। उन्होंने सरकार के जेएसएससी और जेपीएससी को लेकर लिए गए फैसले को बहुत ही साहसिक बताया। मंत्री के अनुसार, यह फैसला पूरे देश में एक संदेश देता है कि जहां संस्थाओं और सरकार से लोगों का विश्वास उठ रहा है, ऐसी स्थिति में विश्वास बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
शिल्पी नेहा तिर्की ने स्वीकार किया कि परीक्षाएं रद्द होने से कई अभ्यर्थियों की नियुक्तियों पर खतरा मंडराने लगा है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों के लिए उन्हें भी दुख है। हालांकि, मंत्री ने स्पष्ट किया कि इसमें न तो छात्रों की गलती है, न सरकार की और न ही अदालत की। उन्होंने बताया कि जेएसएससी-सीजीएल में नियुक्तियां तब हुई थीं जब अदालत के आदेश थे।

मंत्री तिर्की ने कहा कि जिस तरह से खुलासे हो रहे हैं और कड़ियां जुड़ रही हैं, ऐसे हालात में सभी चीजों को साफ और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार का फैसला बहुत महत्वपूर्ण था। जेएसएससी-सीजीएल भर्ती परीक्षा रद्द होने के बाद चयनित उम्मीदवारों के बारे में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा, "बिल्कुल, वे न्याय की मांग करेंगे। वे नौकरी में थे। हमारा मानना है कि वे कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। हमें जो जानकारी मिल रही है, उसके अनुसार कई लोग हमें फोन कर रहे हैं। हमें भरोसा है कि कोर्ट सभी मामलों की न्यायिक नजरिए से जांच करेगा। सलाह और मार्गदर्शन सरकार को मिलेगा, उस पर आगे निर्णय होने के लिए तैयार हैं।"

मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार का यह कदम पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि परीक्षाएं निष्पक्ष हों और योग्य उम्मीदवारों को ही अवसर मिले। जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी की आशंकाओं के चलते सरकार ने यह कड़ा फैसला लिया। इस फैसले से जहां कुछ अभ्यर्थी निराश हैं, वहीं सरकार का मानना है कि यह लंबी अवधि में राज्य के युवाओं के हित में है।

मंत्री तिर्की ने उम्मीद जताई कि अदालत इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगी और सभी पक्षों को सुनेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अदालत के फैसले का सम्मान करेगी और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए और भी कड़े कदम उठाएगी ताकि परीक्षाओं की शुचिता बनी रहे।

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