जयपुर में कोचिंग संस्थानों की हड़ताल: Jda के नोटिस के विरोध में 200 से ज्यादा संस्थान बंद
जयपुर में कोचिंग संस्थानों की हड़ताल: JDA के नोटिस के विरोध में 200 से ज्यादा संस्थान बंद
NewsPoint•
जयपुर के गोपालपुरा बाइपास रोड पर कोचिंग संस्थानों के संचालकों ने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के नोटिस के विरोध में एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की। इस हड़ताल के कारण 200 से ज्यादा कोचिंग संस्थान, लाइब्रेरी और स्टडी हॉल बंद रहे। JDA ने इन संस्थानों को सात दिन के भीतर अपना संचालन बंद करने का आदेश दिया है, जिसे कोचिंग संचालक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना का हवाला देते हुए गलत बता रहे हैं। संचालकों का कहना है कि JDA ने खुद पहले इस इलाके को कोचिंग के लिए अधिसूचित किया था और अब अचानक यह आदेश देना हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित करेगा।
राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को गोपालपुरा बाइपास रोड पर एक भी कोचिंग संस्थान खुला नहीं। इस हड़ताल में सिर्फ कोचिंग सेंटर ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी लाइब्रेरी और स्टडी हॉल भी बंद रहे। इसका सीधा असर उन हजारों विद्यार्थियों पर पड़ा जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। कोचिंग संचालकों का कहना है कि JDA ने उन्हें सात दिन के भीतर संस्थान बंद करने का नोटिस थमाया है। यह अचानक लिया गया फैसला कोचिंग संचालकों को बिल्कुल भी रास नहीं आ रहा है।कोचिंग संचालकों ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि इस नोटिस के कारण हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर ग्रहण लग जाएगा। वे इस अचानक हुए फैसले के विरोध में बुधवार को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर उतरे।
सात दिन में संस्थान बंद करने का नोटिस
राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि JDA ने गोपालपुरा बाइपास रोड पर चल रहे कोचिंग संस्थानों को सात दिन के अंदर अपनी सारी गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए हैं। JDA अपनी इस कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करना बता रहा है।
लेकिन कोचिंग संचालकों का कहना है कि अचानक संस्थान बंद करने के आदेश से विद्यार्थियों के सामने एक बड़ी मुसीबत खड़ी हो जाएगी। यह इलाका लंबे समय से कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। यहां सिर्फ राजस्थान से ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से भी छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं। ऐसे में अगर ये संस्थान बंद हो गए तो इन छात्रों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा।
कोचिंग संचालकों ने रखा अपना पक्ष
हड़ताल के दौरान कोचिंग संचालकों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि JDA ने खुद ही गोपालपुरा बाइपास रोड को कोचिंग गतिविधियों के लिए अधिसूचित (नोटिफाई) किया था। एसोसिएशन के मुताबिक, JDA ने 5 जुलाई 2021 और 26 जुलाई 2022 को बाकायदा आदेश जारी कर इस इलाके को कोचिंग के लिए अधिसूचित किया था।
अब सवाल यह उठता है कि जब JDA ने खुद इस इलाके को कोचिंग के लिए हरी झंडी दी थी, तो फिर अब संस्थान बंद करने के नोटिस क्यों जारी किए जा रहे हैं? कोचिंग संचालकों ने JDA की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उन्हें संस्थान बंद करने के लिए कहा जा रहा है, तो पहले उन्हें कोई वैकल्पिक जगह या व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
लाइब्रेरी और स्टडी हॉल भी रहे बंद
इस सांकेतिक हड़ताल का असर सिर्फ कोचिंग संस्थानों तक ही सीमित नहीं रहा। गोपालपुरा बाइपास रोड इलाके में चल रही लाइब्रेरी और स्टडी हॉल भी पूरी तरह से बंद रहे। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को एक दिन के लिए अपनी पढ़ाई से दूर रहना पड़ा।
आगे आंदोलन की चेतावनी
कोचिंग एसोसिएशन ने यह भी संकेत दिया है कि अगर JDA ने अपने नोटिस वापस नहीं लिए या इस मामले का कोई समाधान नहीं निकाला, तो वे आगे और भी बड़ा आंदोलन करने का फैसला ले सकते हैं। हालांकि, फिलहाल बुधवार की हड़ताल को सिर्फ एक सांकेतिक विरोध के तौर पर देखा जा रहा है।
JDA और कोचिंग संस्थानों के बीच टकराव बढ़ा
अब इस पूरे मामले में JDA और कोचिंग संस्थानों के बीच टकराव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। एक तरफ JDA सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने की बात कह रहा है, वहीं दूसरी तरफ कोचिंग संचालक पुराने सरकारी आदेशों का हवाला देकर JDA की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि आगे विद्यार्थियों की पढ़ाई और कोचिंग संस्थानों के भविष्य को लेकर क्या फैसला होता है। इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।