सतलुज फिल्म ओटीटी से हटी, परगट सिंह ने BJP पर साधा निशाना

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नई दिल्ली, 8 जुलाई। कांग्रेस ने पंजाबी फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। पार्टी विधायक परगट सिंह ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि एक सच्ची कहानी पर आधारित फिल्म पर प्रतिबंध लगाना समाज और लोकतंत्र के लिए गलत है। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में लोगों को बहुत कुछ सिखाती हैं और सत्ता के दुरुपयोग के बारे में भी जागरूक करती हैं। इसलिए, यह फिल्म दिखाई जानी चाहिए।

परगट सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अपनी प्रोपेगेंडा फिल्में बनाती है और उन्हें अक्सर टैक्स फ्री भी कर दिया जाता है। वे यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि उन्होंने देश के लिए कोई बड़ा काम किया है, जबकि ऐसा कुछ नहीं होता। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्ची कहानी पर आधारित फिल्म पर बैन लगाना समाज और लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है और वे इसकी कड़ी निंदा करते हैं।
विधायक परगट सिंह ने भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुद्दे बहुत बड़े हैं और पंजाब में कोई प्रयोग नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसकी ‘बी-टीम’ आम आदमी पार्टी पंजाब को बहुत नकारात्मक दिशा में ले जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन बड़े मुद्दों से लड़ने की जरूरत है और अगर पार्टी के अंदर कोई नाराजगी है, तो उसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।

यह भी गौरतलब है कि दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ लंबे समय से सेंसर बोर्ड की आपत्तियों और कट्स के कारण विवादों में रही है। पहले इसका नाम ‘पंजाब 95’ था, जिसे बाद में बदलकर ‘सतलुज’ कर दिया गया। इस दौरान फिल्म की रिलीज डेट भी कई बार टलती रही। फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ अर्जन रामपाल, सविंदर विक्की, जगजीत संध और गीतिका विद्या ओहल्यान जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। हाल ही में इस फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया, जिस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है।

परगट सिंह ने कहा, “जो फिल्में रियल स्टोरी पर आधारित होती हैं, उनसे बहुत ज्यादा समझ भी आती है और कहीं न कहीं जो पावर का मिसयूज होता है, उसके बारे में भी आज के लोगों को पता चलता है, तो मेरा ख्याल है, यह फिल्म दिखाई जानी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “भाजपा अपनी प्रोपेगेंडा फिल्म बनाती है। उन फिल्मों को कई बार टैक्स फ्री कर दिया जाता है। यह दिखाने की कोशिश की जाती है कि भाजपा ने इस देश के लिए कोई बड़ा काम कर दिया, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होता है। जो सही कहानी पर आधारित फिल्म है, उस पर बैन लगाना समाज और लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं।”

उन्होंने पंजाब की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “पंजाब के जो मुद्दे हैं, वे बड़े हैं। पंजाब में एक्सपेरिमेंट किया नहीं जा सकता। भाजपा और उसकी बी-टीम आम आदमी पार्टी, पंजाब को बहुत नकारात्मक दिशा में ले जा रही है। हमें इन बड़े मुद्दों से लड़ने की जरूरत है। अगर पार्टी (कांग्रेस) के अंदर कुछ गिले-शिकवे हैं, तो हम उन्हें जल्द सुलझा लेंगे।”

फिल्म ‘सतलुज’ की कहानी 1980 के दशक में पंजाब में हुए कुछ घटनाओं पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के फैसले को कई लोग अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला मान रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि ऐसी फिल्मों को दबाने की कोशिश लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

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