नोएडा में भारी बारिश से जलभराव, प्राधिकरण की तैयारियों पर सवाल

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Navbharat Times
नोएडा, 9 जुलाई। झमाझम बारिश ने एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण के दावों की पोल खोल दी है। मानसून की पहली ही तेज बारिश ने शहर के कई मुख्य रास्ते, सेक्टर और गांवों को पानी-पानी कर दिया है। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। रोज ऑफिस जाने वाले लोग, स्कूल के बच्चे और आम निवासी सबसे ज्यादा परेशान हैं। सेक्टर-57/58 को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर तो मानो तालाब बन गया था। कई फीट पानी जमा होने से गाड़ियों की रफ्तार थम गई और लंबा जाम लग गया। दोपहिया वाहन चलाने वालों को तो बहुत दिक्कत हुई। कई गाड़ियां तो पानी में बंद हो गईं। वहीं, पैदल चलने वालों को गंदे और बदबूदार पानी से होकर गुजरना पड़ा।

यह हाल सिर्फ सेक्टर-57/58 का नहीं था। सेक्टर-27 की सड़कें भी पूरी तरह डूब गईं। यहां सीवर और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे पूरे इलाके में गंदगी और बदबू फैल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश में यही हाल होता है। नालों और ड्रेनों की ठीक से सफाई नहीं होती। इसके बावजूद कोई पक्का इंतजाम नहीं होता। हैरानी की बात तो यह है कि नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के घरों के बाहर भी पानी भर गया था। जिस सेक्टर-27 में नोएडा प्राधिकरण और पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारी रहते हैं, वहां की सड़कें भी पानी में डूबी रहीं। इससे प्राधिकरण की बारिश से निपटने की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।
सेक्टर-27 कट के पास एक प्राइवेट स्कूल के बाहर भी पानी भर गया था। इससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और उनके माता-पिता को बहुत परेशानी हुई। उन्हें गंदे और बदबूदार पानी से होकर गुजरना पड़ा। इससे बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद कई दिनों तक पानी जमा रहने से मच्छर बढ़ जाते हैं। इससे डेंगू, मलेरिया और दूसरी बीमारियां फैलने का डर रहता है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई, पानी की निकासी का इंतजाम ठीक करने और जलभराव रोकने के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। लेकिन पहली ही तेज बारिश में सारे वादे हवा हो जाते हैं। नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते नालों और सीवर लाइनों की अच्छी तरह सफाई हो जाती और पानी की निकासी का इंतजाम मजबूत होता, तो शहर को इस मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ता।

लगातार हो रही बारिश के बीच नोएडा के कई इलाकों में जलभराव ने सिर्फ ट्रैफिक को ही नहीं रोका, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को भी अस्त-व्यस्त कर दिया है। अब शहर के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नोएडा प्राधिकरण जल्दी ही कुछ अच्छा इंतजाम करेगा ताकि पानी की निकासी ठीक हो सके। इससे हर साल बारिश में होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।

यह स्थिति नोएडा प्राधिकरण की मानसून तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हर साल बारिश के मौसम में शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या आम हो जाती है। इसके बावजूद, प्राधिकरण द्वारा किए जाने वाले दावे और हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर नजर आता है। नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय, हर साल वही पुरानी समस्याएं दोहराई जाती हैं।

सेक्टर-27 में जलभराव की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि यह इलाका नोएडा प्राधिकरण और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों का निवास स्थान है। जब अधिकारियों के अपने आवास के आसपास की सड़कें जलमग्न हो सकती हैं, तो आम नागरिकों की समस्याओं का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। यह दर्शाता है कि समस्या कितनी गंभीर है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

निजी स्कूल के पास जलभराव की स्थिति ने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी चिंता जताई है। गंदे पानी से होकर स्कूल आना-जाना न केवल असुविधाजनक है, बल्कि संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ाता है। अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता सताती रहती है।

स्थानीय निवासियों का यह कहना कि बारिश के बाद कई दिनों तक पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है, एक गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी है। डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगता है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।

नागरिकों द्वारा लगाए गए आरोप कि हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और जलभराव रोकने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में सभी दावे हवा-हवाई साबित हो जाते हैं, यह प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर एक तीखा कटाक्ष है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर काम करने की बजाय, केवल कागजी कार्रवाई पर अधिक ध्यान दिया जाता है।

यह उम्मीद की जानी चाहिए कि नोएडा प्राधिकरण इस बार इन शिकायतों को गंभीरता से लेगा और केवल वादे करने के बजाय, प्रभावी कदम उठाएगा। जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना, नालों और सीवर लाइनों की नियमित और गहन सफाई सुनिश्चित करना, और भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए स्थायी समाधान खोजना आवश्यक है। शहरवासियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में प्राधिकरण अपनी जिम्मेदारियों को समझेगा और शहर को जलभराव की समस्या से मुक्ति दिलाएगा।

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