सऊदी अरब पर यमन के मिसाइल और ड्रोन हमले: अरामको तेल सुविधा निशाने पर, यानबू में इमरजेंसी अलर्ट
सऊदी अरब पर यमन के मिसाइल और ड्रोन हमले: अरामको तेल सुविधा निशाने पर, यानबू में इमरजेंसी अलर्ट
NewsPoint•
सऊदी अरब में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। यमन से मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं, जिन्होंने जिज़ान के एक बड़े औद्योगिक शहर और अरामको से जुड़ी एक तेल सुविधा को निशाना बनाया। इन हमलों की वजह से कई जगहों पर बिजली चली गई और यानबू प्रांत के लिए इमरजेंसी अलर्ट जारी करना पड़ा। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे क्षेत्रीय संघर्ष के कारण मध्य पूर्व में तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है।
सऊदी अरब और यमन के बीच यह तनाव अपने चरम पर पहुँचता दिख रहा है। अरब मीडिया के मुताबिक, सऊदी अरब के तीन बड़े इलाकों - जिज़ान, यानबू और दम्माम - पर यमन की ओर से जवाबी हमले किए गए। इन हमलों में सबसे चिंताजनक बात यह थी कि अरामको से जुड़ी एक तेल सुविधा को निशाना बनाया गया। अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है। इस पर किसी भी तरह का हमला ग्लोबल ऑयल मार्केट के लिए एक बड़ा झटका माना जाता है। हमलों के बाद कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। सऊदी सिविल डिफेंस ने नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए यानबू प्रांत के लिए इमरजेंसी अलर्ट जारी किया।यह हमला इसलिए भी अहम है क्योंकि यह ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे क्षेत्रीय संघर्ष के कारण मध्य पूर्व में तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। शुक्रवार देर रात सऊदी अरब ने यमन के हूथी-नियंत्रित शहर होदेइदाह पर हमला किया था। इसके जवाब में हूथी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी थी कि सऊदी अरब को इस हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। हूथी-समर्थित अल-मसीराह टीवी के अनुसार, होदेइदाह में टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी की सुविधाओं को निशाना बनाया गया और कमरान द्वीप पर भी हमला किया गया, जिसमें एक महिला घायल हो गई।
बुधवार को हूथियों ने दावा किया कि उन्होंने लाल सागर में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल करके सऊदी तेल टैंकरों पर हमला किया। इस घटना में कम से कम एक जहाज को नुकसान पहुँचा। हूथियों ने कहा कि यह कार्रवाई 20 जुलाई को लगाए गए नाकेबंदी के तहत की गई थी। यह नाकेबंदी सना एयरपोर्ट पर हुए हमले के जवाब में लगाई गई थी।
पिछले कुछ महीनों से हूथी लगातार सऊदी तेल प्रतिष्ठानों और शिपिंग रूटों को निशाना बना रहे हैं। लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में हो रही इन घटनाओं का कच्चे तेल की सप्लाई पर सीधा असर पड़ रहा है। जानकारों का मानना है कि अगर ये हमले जारी रहे, तो ब्रेंट क्रूड की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं। ब्रेंट क्रूड एक तरह का कच्चा तेल है जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में तय होती है। यह खबर भारत जैसे देशों के लिए खास तौर पर अहम है, क्योंकि हम अपनी तेल की ज़रूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करते हैं। फिलहाल सऊदी अरब हाई अलर्ट पर है और अरामको प्लांट्स पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।