Neet पेपर लीक: जयपुर में छात्रों का आंदोलन तेज, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग
NEET पेपर लीक: जयपुर में छात्रों का आंदोलन तेज, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग
NewsPoint•
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET और पेपर लीक के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन अब राजस्थान की राजधानी जयपुर तक पहुँच गया है। राजस्थान के छात्र संगठन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा, NEET समेत प्रदेश की विभिन्न परीक्षाओं में हो रहे कथित पेपर लीक और धांधली के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि पेपर लीक उनके भविष्य से खिलवाड़ है और वे परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दिल्ली में चल रहे इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन की लहर अब जयपुर में भी महसूस की जा रही है, जहाँ छात्र संगठन आगे की रणनीति बनाने के लिए बैठकें कर रहे हैं।
छात्रों का आरोप है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों मेहनती अभ्यर्थियों का नुकसान होता है। वे सालों तक परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं से उनका परीक्षा व्यवस्था पर से भरोसा उठ जाता है। छात्रों की मांग है कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। राजस्थान में भी हाल के दिनों में कई भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आए हैं, जिससे युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि प्रदेश में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बहुत जरूरी है, क्योंकि लाखों युवाओं का करियर इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है।जयपुर में बढ़ते विरोध को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। प्रशासन छात्र संगठनों की गतिविधियों और संभावित प्रदर्शनों पर नजर रखे हुए है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां कर रहा है। छात्र संगठनों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह परीक्षा व्यवस्था में सुधार और अपने अधिकारों की मांग को लेकर है। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुने और जल्द से जल्द समाधान निकाले।
NEET पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी का मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। दिल्ली के बाद अब जयपुर में भी छात्रों की आवाजें तेज हो रही हैं। आने वाले दिनों में राजस्थान में इस मुद्दे पर आंदोलन और भी उग्र होने की संभावना है। छात्र संगठनों का कहना है कि वे तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता। वे चाहते हैं कि सरकार एक ऐसी व्यवस्था बनाए जहाँ हर छात्र को उसकी मेहनत का फल मिले और किसी भी तरह की धांधली या पेपर लीक को बर्दाश्त न किया जाए।
यह आंदोलन सिर्फ NEET तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी हो रही अनियमितताओं को उजागर कर रहा है। छात्र नेताओं का कहना है कि कई बार तो परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर लीक हो जाते हैं, जिससे योग्य उम्मीदवार पीछे रह जाते हैं और अयोग्य लोग आगे बढ़ जाते हैं। यह स्थिति उन लाखों युवाओं के साथ अन्याय है जो दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं। वे चाहते हैं कि सरकार इस समस्या की जड़ तक जाए और उसे खत्म करे।
छात्रों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। वे सरकार से उम्मीद करते हैं कि वह उनकी आवाज सुनेगी और परीक्षा प्रणाली को इतना पारदर्शी बनाएगी कि किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश न रहे। उनका यह भी कहना है कि जो लोग पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल पाए जाते हैं, उन्हें ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि भविष्य में कोई भी ऐसा करने की हिम्मत न करे। यह आंदोलन सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, बल्कि पूरे देश के लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल है।