राजस्थान में सरकारी और निजी स्कूलों के छुट्टी विवाद पर डीईओ का महत्वपूर्ण बयान
राजस्थान में सरकारी और निजी स्कूलों के छुट्टी विवाद पर डीईओ का महत्वपूर्ण बयान
NewsPoint•
राजस्थान में स्कूलों की छुट्टियों को लेकर एक नई स्थिति बन गई है। सरकारी और निजी स्कूलों के बीच छुट्टियों की अवधि में फर्क होने से अभिभावक और विद्यार्थी परेशान हैं। सरकारी कैलेंडर के अनुसार, 12 दिन की छुट्टियां घोषित की गई हैं। लेकिन कुछ निजी स्कूलों ने अपनी मर्ज़ी से छुट्टियों को कम कर दिया है। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने कहा है कि सभी स्कूलों को शिविरा पंचांग का पालन करना चाहिए।
डीईओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्कूलों को अपने शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार ही छुट्टियों का कार्यक्रम तय करना चाहिए। उन्होंने कहा, "स्कूलों को निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार ही अपनी गतिविधियां संचालित करनी चाहिए।" यह निर्देश देते हुए उन्होंने जोर दिया कि शिविरा पंचांग की पालना आवश्यक है। इससे यह सवाल उठता है कि निजी स्कूलों की ओर से की गई छुट्टियों में कटौती को किस तरह का अंतिम रूप दिया जाएगा।कुछ अभिभावक इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि उनके बच्चों को सरकारी कैलेंडर के अनुसार छुट्टियां मिलेगी या फिर निजी स्कूलों के द्वारा तय की गई छुट्टियां लागू होंगी। यह तय करना उनके लिए कठिन हो रहा है। शिक्षा विभाग ने इस विषय पर कोई स्पष्ट आदेश भी जारी नहीं किया है। अब तक ये भी साफ नहीं है कि कौन से निजी स्कूलों ने छुट्टियों की अवधि में कटौती की है और कितने दिन की छुट्टियां तय की गई हैं।
अभिभावकों का मानना है कि छुट्टियों की अवधि में एकरूपता होना चाहिए। सब स्कूलों को सरकारी कैलेंडर के निर्देशों का पालन करना चाहिए। इससे सभी के लिए स्थिति स्पष्ट होगी और अभिभावकों की दिनचर्या पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। बिना किसी असमंजस के सभी विद्यार्थियों को छुट्टियों का लाभ मिल सकेगा।
इस विषय पर शिक्षा विभाग की ओर से अधिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। डीईओ के बयान से यह जरूर स्पष्ट हो गया है कि सभी स्कूलों को शिविरा पंचांग के अनुसार छुट्टियों का कार्यक्रम तय करना होगा। इससे यह उम्मीद जगी है कि भले ही निजी स्कूलों ने छुट्टियों में कटौती की हो, लेकिन उनके लिए दिशा-निर्देश अब स्पष्ट हैं।