मोहन चरण माझी की बैठक: चक्रवात अर्नब से प्रभावित गंजाम जिले में राहत कार्यों की समीक्षा

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Navbharat Times
भुवनेश्वर, 5 नवंबर (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने हाल ही में गंजाम जिले के विधायकों के साथ बैठक की। यह बैठक चक्रवात 'अर्नब' और उसके बाद आई बाढ़ के कारण जिले में आई तबाही को लेकर थी। कुल 35 विधायक इस चर्चा में शामिल हुए। इसमें राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी और मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की सच्चाई बताते हुए कहा, "राज्य सरकार गंजाम जिले के हालात से पूरी तरह वाकिफ है और यह सुनिश्चित करेगी कि वहां के लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।"

बीते रोज़, केंद्रीय टीम भी गंजाम पहुंची थी ताकि बाढ़ और चक्रवात के कारण हुए नुकसान का आकलन कर सके। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय टीम से अपील की कि वे अपनी रिपोर्ट में केवल तात्कालिक राहत का ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक समाधान का भी सुझाव दें। उन्होंने कहा, “बाढ़, चक्रवात और लू जैसी प्राकृतिक आपदाएं अक्सर राज्य को प्रभावित करती हैं, जिससे विकास कार्यों में बाधा आती है।”
इस बैठक में मुख्यमंत्री ने सुरेश पुजारी को यह निर्देश दिया कि वे प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और बुनियादी ढांचे को तत्काल बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गंजाम और गजपति जिलों का दौरा करने आई केंद्रीय टीम ने बहुत काम किया है। रवि शंकर ने बताया कि "टीम के सदस्यों ने गंजाम और गजपति जिलों के कई इलाकों का दौरा किया और देखा कि बाढ़ का लोगों के जीवन पर कितना गहरा असर पड़ा है।"

उन्होंने यह भी कहा कि "गंजाम में, रुशिकुल्या नदी का पानी कई इलाकों में फैला हुआ है, जिससे वहां रेत जमा हो गई है। खेत, सड़कें, घर और सरकारी दफ्तर रेत से ढक गए हैं।" हालांकि बाढ़ से घर गिरे नहीं हैं, लेकिन उनका ढांचा कमजोर हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि "रुशिकुल्या नदी से लंबे समय तक गाद निकालने की जरूरत है।"

केंद्रीय टीम ने नुकसान का आकलन करने में सात से आठ दिन का समय लगने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने ओडिशा सरकार की त्वरित सहायता के काम की सराहना की। रवि शंकर ने कहा, “चक्रवात और बाढ़ के बाद राज्य सरकार ने तेजी से राहत और बहाली का काम किया है।” उन्होंने बताया कि अधिकतर सड़कों की स्थिति को ठीक कर दिया गया है और बिजली की आपूर्ति भी बहाल कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने गंजाम के सूखने वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि "ओडिशा को ऐसे बुनियादी ढांचे की तत्काल आवश्यकता है जो चक्रवात और बाढ़ को झेल सके।” इससे न केवल लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान होगा, बल्कि विकास कार्यों में भी तेजी आएगी।

यह स्थिति ओडिशा के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे प्रभावित क्षेत्र के लोगों की जिंदगी पर असर पड़ता है। जब प्राकृतिक आपदाएं आती हैं, तो इसका सीधा प्रभाव समाज और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। मुख्यमंत्री का यह प्रयास लोगों की मदद करने का है और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एक ठोस योजना बनाने का है।

इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए सरकार ने एक मजबूत योजना बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। इससे न केवल अव्यवस्थाओं को दूर किया जाएगा, बल्कि लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है ताकि लोग नई चुनौतियों का सामना कर सकें।

गंजाम जिले में आई आपदा ने सभी को एकत्रित कर दिया है ताकि मिलकर इस संकट का सामना किया जा सके। यह समय एकजुटता का है और हर किसी का सहयोग जरूरी है ताकि स्थिति को और भी बेहतर बनाया जा सके।

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