भारत और पोलैंड का एफटीए 2030 तक व्यापार को तिगुना करने में सहायक, राजदूत स्वितल्स्की का बयान
भारत और पोलैंड का एफटीए 2030 तक व्यापार को तिगुना करने में सहायक, राजदूत स्वितल्स्की का बयान
NewsPoint•
भारत और पोलैंड के विदेश व्यापार में सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। पोलैंड के राजदूत एंटनी स्वितल्स्की ने हाल ही में कहा कि यदि ये प्रयास सफल होते हैं, तो 2030 तक दोनों देशों के बीच का व्यापार तीन गुना हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि व्यापार का मौजूदा स्तर दोनों देशों की वास्तविक क्षमता नहीं दिखाता है। इस दिशा में, भारत में पोलैंड के प्रधानमंत्री की हालिया यात्रा के दौरान बड़े बिजनेस फोरम आयोजित किए गए, जहां 100 से अधिक पोलिश कंपनियों ने भाग लिया था।
स्वितल्स्की ने कहा, "अगर हम इस समझौते से पैदा हुए अवसरों का पूरा लाभ उठाएं और बिजनेस फोरम के दौरान हुई चर्चाओं को ठोस परियोजनाओं में बदल दें, तो हम अपने द्विपक्षीय व्यापार को न केवल दोगुना, बल्कि तिगुना भी कर सकते हैं।" उन्होंने यह भी पुष्टि की कि इस यात्रा के दौरान 13 अनुबंध और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। राजदूत ने बताया कि नई दिल्ली और बेंगलुरु में आयोजित किए गए बिजनेस फोरम अब तक के सबसे बड़े आयोजन थे। इन फोरम में 200 भारतीय कंपनियों ने भी हिस्सेदारी की। स्वितल्स्की को पूरा विश्वास है कि दिसंबर की शुरुआत में समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद यह अगले साल के शुरुआत में लागू होगा।
पोलैंड में भारतीय निवेश पहले से ही काफी अच्छा है, लेकिन वहाँ पोलिश निवेश का स्तर अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने कहा, "हम भारतीय कंपनियों को पोलैंड में निवेश करने, अपना कामकाज शुरू करने और यूरोपीय बाजारों में विस्तार करने के लिए पोलैंड को एक प्रवेश द्वार (गेटवे) के रूप में इस्तेमाल करने के लिए आमंत्रित करते हैं।" इससे यह स्पष्ट होता है कि पोलैंड भारतीय व्यवसायों के लिए एक महत्वपूर्ण संभावनाओं का बाजार बना हुआ है।
राजदूत ने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने पर बात की गई है। इसके अलावा, वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद की हालिया यात्रा के फलस्वरूप नए अनुबंधों और समझौतों की उम्मीद है। ऊर्जा क्षेत्र में, पोलिश कंपनियाँ भारत में सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी करने के इच्छुक हैं।
स्वितल्स्की ने एफटीए (मुक्त व्यापार समझौते) पर भी जोर दिया और कहा कि पोलैंड इस समझौते पर जल्दी से हस्ताक्षर करने और इसे लागू करने की वकालत कर रहा है। इस प्रकार, इन सभी प्रयासों से भारत और पोलैंड के संबंधों को नई दिशा और गति मिलेगी, जो दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित होगी।