भाजपा पंचायत सदस्य के पति और सहयोगियों पर गर्भवती महिला के साथ मारपीट का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच
भाजपा पंचायत सदस्य के पति और सहयोगियों पर गर्भवती महिला के साथ मारपीट का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच
NewsPoint•
कोलकाता, 7 नवंबर (आईएएनएस) पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के दिनहाटा थाना क्षेत्र में एक गांव में भाजपा की पंचायत सदस्य के पति और उनके साथी चार महीने की गर्भवती महिला के साथ मारपीट करने के आरोप में घिर गए हैं। यह घटना एक सप्ताह पहले तृणमूल कांग्रेस की एक पंचायत सदस्य के परिवार पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हमले के कुछ दिन बाद हुई है। इस घटना को लेकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पीड़िता अस्पताल में इलाज करा रही है।
पीड़िता ने अस्पताल में मीडिया को बताया कि पंचायत सदस्य बीना बर्मन के पति भवसिंधु बर्मन और उनके साथियों ने पहले उसके पति की पिटाई की। जब वह अपने पति की रक्षा के लिए गई, तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की। उसके बाद उसे दिनहाटा उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला ने बताया कि उस दिन उसका अल्ट्रासाउंड भी हुआ था। उसकी स्थिति गंभीर है।भाजपा के मंडल अध्यक्ष शंकु सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, "मेरी जानकारी के अनुसार, पंचायत सदस्य के घर पर विवाहेतर संबंधों से जुड़े एक मामले में मध्यस्थता बैठक हुई थी।" उन्होंने कहा कि बैठक में केवल बातचीत हुई थी और किसी के साथ मारपीट नहीं हुई। भाजपा ने आरोपों को निराधार बताया है।
इस बीच पीड़िता के परिवार ने दिनहाटा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में भाजपा पंचायत सदस्य और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि वे मामले की सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। कूचबिहार जिला पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, "पीड़िता से बात की गई है और केस दर्ज कर लिया गया है।"
गौर करने वाली बात यह है कि एक हफ्ते पहले दिनहाटा के कुचनी गांव में तृणमूल पंचायत सदस्य के देवर और उसकी आठ महीने की गर्भवती पत्नी पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हमला किया था। उस घटना के बाद महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया था। इस मामले में भी पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। बाद में साहेबगंज पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था जबकि बाकी अब भी फरार हैं।
अब एक बार फिर गर्भवती महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आने से राजनीतिक हालात में उथल-पुथल मच गई है। कूचबिहार में दोनों घटनाओं के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल तेज हो गया है। इस मामले ने स्थानीय लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है कि क्या राजनीतिक द्वेष के चलते गर्भवती महिलाओं को ऐसी हिंसा का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा, दिनहाटा में दोनों घटनाओं ने स्थानीय राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। अब सबकी नज़र इस मामले पर है और इसमें आगे क्या होता है, यह देखना बाकी है। पुलिस की जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस बात का संकेत देंगी कि स्थानीय स्तर पर हालात कितने गंभीर हैं।
पीड़ित महिला के स्वास्थ्य के बारे में भी सभी के मन में चिंता है। वह फिलहाल दिनहाटा उप-जिला अस्पताल में भर्ती है और जल्दी ठीक होने की उम्मीद की जा रही है। पुलिस और प्रशासन इसे गंभीरता से ले रही है, लेकिन स्थानीय राजनीतिक माहौल में बढ़ती तनाव स्थिति को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सभी की निगाहें अब इस मामले की जांच और इसके परिणामों पर हैं।