सीएम योगी ने अयोध्या दीपोत्सव में रामभक्तों और संतों के अपमान से जुड़े विवाद पर दी प्रतिक्रिया
सीएम योगी ने अयोध्या दीपोत्सव में रामभक्तों और संतों के अपमान से जुड़े विवाद पर दी प्रतिक्रिया
NewsPoint•
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में 7 नवंबर को दीपोत्सव के मंच से रामभक्तों पर गोलियां चलवाने और संतों पर लाठियां बरसाने वालों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अयोध्या आकर रामभक्तों और संतों से माफी मांगें और अपने कृत्यों का पश्चाताप करें। सीएम ने कहा कि प्रभु श्रीराम सबको क्षमा कर देंगे। उनके अनुसार, अयोध्या अब त्रेता युग की यादों से भरी हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जय श्रीराम बोलने पर गोलियां चलती थीं, लेकिन आज उसी अयोध्या में दीपोत्सव मनाया जा रहा है, जहां रामायण की कथाएं जीवंत हो रही हैं। वे दीपोत्सव के 10वें संस्करण में बोल रहे थे, जहां मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन थे। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति ने भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण से कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। योगी आदित्यनाथ ने राम की चेतना को भारत की चेतना बताया और कहा कि श्रीराम भारत राष्ट्र का आत्मसम्मान हैं। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई का भी उल्लेख किया, ‘अवधपुरी अति रुचिर बनाई, देवन्ह सुमन बृष्टि झरि लाई’। इसे लेकर कहा कि आज की अयोध्या वास्तव में त्रेता युग की स्मृति ताजा कराती है।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन्होंने कभी इस शहर को रक्तरंजित किया, वे आज भी अपने लोभ को नहीं छोड़ पा रहे हैं। ऐसे लोग जब कथा सुनने आते हैं, तो उन्हें कथा की मर्यादा का ज्ञान नहीं होता। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने न्यायालयों में वकीलों की फौज खड़ी की थी, आज वे भी राम के अस्तित्व को मानने के लिए मजबूर हैं। यह एक वैचारिक विजय है।
सीएम ने राम जन्मभूमि आंदोलन के कारसेवकों के बलिदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों की चुनौतियों के बाद रामलला अपने जन्मस्थान पर विराजमान हुए हैं। अयोध्या में अब शांति है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि अब यहां कोई दंगा-फसाद नहीं होगा और संतों का अपमान नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि पहले अयोध्या में केवल तीन घंटे बिजली मिलती थी, लेकिन अब यह एक स्मार्ट और सोलर सिटी बन चुकी है। यहां आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं अयोध्या के विकास हेतु चलाई जा रही हैं।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या आए थे, लेकिन वर्षों तक यहां हवाई अड्डा नहीं बना था। अब महर्षि वाल्मीकि के नाम पर एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन चुका है। माता शबरी के नाम पर रसोई और निषादराज के नाम पर रैन बसेरे बनाए जा रहे हैं, जो आधुनिक अयोध्या की पहचान बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव के अवसर पर 25 हजार दीप जलाने की बात की। अब यह संख्या 25 लाख को पार कर चुकी है। इस बार उपराष्ट्रपति द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। यह आयोजन रामभक्तों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
सीएम ने प्रदेशवासियों को दीपोत्सव और दीपावली की शुभकामनाएं दी। उन्होंने रामराज्य के विचार को साकार करने का आह्वान किया। दीपोत्सव के जरिए अयोध्या ने दुनिया भर के करोड़ों रामभक्तों को एक भावनात्मक बंधन में बांधने का प्रयास किया है।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी उपस्थित थीं। पूरे समारोह में अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करने का संदेश दिया गया, जिससे भविष्य में फिर से रामराज्य की स्थापना का सपना खुद को साकार होता दिख रहा है।