दिवाली पर डायबिटीज के मरीजों के लिए मिठाइयों का सुरक्षित सेवन कैसे करें
दिवाली पर डायबिटीज के मरीजों के लिए मिठाइयों का सुरक्षित सेवन कैसे करें
NewsPoint•
दिवाली का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस समय हर जगह खुशियों की लहर है। रोशनी, पूजा और सजावट के साथ-साथ मिठाइयों का विशेष महत्व है। लड्डू, बर्फी, गुलाब जामुन जैसी कई मिठाइयाँ इस अवसर पर बनाई और खाई जाती हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे मरीजों को मिठाई और अन्य पकवानों से संबंधित सावधानियों का ध्यान रखना जरूरी है। ब्लड शुगर के बढ़ने का खतरा हमेशा बना रहता है। फोर्टिस मानेसर की कंसल्टेंट एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. अनु मैथ्यू ने कहा है, "त्योहारों के दौरान डायबिटीज के मरीजों को ब्लड शुगर के बढ़ने के साथ-साथ बहुत कम होने का खतरा भी रहता है।"
दिवाली का समय आ गया है और हर कोई अपने परिवार और दोस्तों के साथ उत्सव मना रहा है। मिठाईयों का अपने आप में एक खास महत्व है। लेकिन यह मिठाईयां उन लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती हैं जो डायबिटीज से जूझ रहे हैं। दरअसल, मिठाइयों में चीनी और अन्य सामग्री होती है, जो ब्लड शुगर में तेजी से वृद्धि कर सकती हैं।डॉ. अनु मैथ्यू ने बताया कि त्योहारों के दौरान खाने की दिनचर्या बदलने से डायबिटीज से पीड़ित लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर जो लोग इंसुलिन लेते हैं, उन्हें व्रत के दौरान ब्लड शुगर कम होने का खतरा रहता है। लंबी अवधि तक भूखे रहने के बाद अचानक अधिक खाना खाने से भी शुगर स्तर प्रभावित हो सकता है। इससे डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (DKA) जैसी स्थिति का खतरा बढ़ सकता है।
क्या डायबिटीज के मरीज शुगर-फ्री मिठाइयां खा सकते हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. मैथ्यू ने कहा, "शुगर-फ्री मिठाई के बारे में सोचना बिल्कुल सही नहीं है। इनमें मौजूद अन्य तत्व भी ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए इन्हें भी सीमित मात्रा में खाना चाहिए।" उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि डायबिटीज के मरीजों को दिन में 2-3 बार ब्लड शुगर की जांच करनी चाहिए।
यदि आप व्रत रखने की सोच रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर आपको बताएंगे कि आपको दवाओं, इंसुलिन और भोजन का प्लान कैसे बनाना है। विशेषकर टाइप-1 डायबिटीज के मरीजों को इंसुलिन अपनी मर्जी से नहीं छोड़ना चाहिए। मिठाई खाने की चाह हो तो उसे खाली पेट खाने के बजाय भोजन के बाद थोड़ा सा खाना बेहतर होता है।
दिवाली के दौरान डायबिटीज के मरीजों को क्या खाना चाहिए? अगर आप सही खानपान का ध्यान रखते हैं, तो आप इस उत्सव का आनंद ले सकते हैं। अपनी डाइट में विशेष रूप से प्रोटीन और फाइबर वाली चीजों को शामिल करें। जैसे कि हरी सब्जियाँ, पनीर, दही, अंडे और कम फैट वाला चिकन। अनाज की बात करें तो गेहूं, बाजरा, ओट्स, ब्राउन राइस और दालों जैसे होल ग्रेन को प्राथमिकता दें।
स्वास्थ्य के लिए हेल्दी स्नैक्स लेना भी फायदेमंद हो सकता है। पैकेट वाले नमकीन और प्रोसेस्ड स्नैक्स की जगह भुने हुए ड्रायफ्रूट्स, सीड्स, मखाने और चना चाट चुनें। मिठाई की मात्रा को सीमित रखना हमेशा सही होता है। अगर मिठाई खाने का मन है, तो छोटी मात्रा में खाएं।
दिवाली के दौरान किन चीजों से बचना चाहिए? डायबिटीज के मरीजों को ज्यादा शुगर, मैदा और तेल से बनी चीजों से दूर रहना चाहिए। लड्डू, बर्फी और गुलाब जामुन जैसी मिठाइयां ज्यादा नहीं खानी चाहिए। चकली, समोसा और दूसरी तली हुई चीजों का सेवन भी कम करना बेहतर होगा। मीठे ड्रिंक्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स और पैकेट वाले जूस से भी बचें। शुगर-फ्री मिठाइयां भी मात्रा का ध्यान रखकर ही खानी चाहिए।
दिवाली पर शुगर कंट्रोल रखने के लिए कुछ टिप्स हैं। पहले, मिठाई खाने के लिए भोजन न छोड़ें। कई लोग मिठाई खाने के लिए भोजन छोड़ देते हैं। यह गलत है। नियमित और संतुलित भोजन करना जरूरी है। दूसरे, दवाएं और इंसुलिन समय पर लें। त्योहार की व्यस्तता में अपनी दवाएं लेना न भूलें। तीसरे, ब्लड शुगर की नियमित जांच करते रहें। चौथे, खाने के बाद थोड़ा टहलना न भूलें। थोड़ी वॉक करने से ब्लड शुगर पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। और अंतिम, दिनभर अच्छी मात्रा में पानी पीते रहें।
डायबिटीज का होना यह नहीं दर्शाता कि आप दिवाली का मजा नहीं ले सकते। बस आपको सही मात्रा, संतुलित खानपान और नियमित दिनचर्या का ध्यान रखना है। यदि व्रत रखने, दवाओं में बदलाव करने या ब्लड शुगर में असामान्य उतार-चढ़ाव महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। थोड़ी सावधानी बरतकर आप त्योहार की खुशियों के साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रख सकते हैं।
इस दिवाली, मिठाई का आनंद लेते हुए अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें। खुशी और स्वास्थ्य दोनों का संतुलन बनाकर इस पावन पर्व को मनाएं।