विशेषज्ञों की सलाह: दीवाली मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेशक सावधानी बरतें, बाजार के संकेत

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। दिवाली पर रविवार को होने वाले पारंपरिक मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के लिए बाजार विशेषज्ञों ने निवेशकों और ट्रेडर्स को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि संवत 2083 की शुरुआत भले ही निवेश के लिए शुभ मानी जाती हो, लेकिन जल्दबाजी में निवेश निर्णय लेना सही नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के तेज़ उछाल के बाद, प्रमुख सूचकांक महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर के करीब पहुंच चुके हैं। ऐसे में सीमित समय और कम लिक्विडिटी के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। इसलिए, निवेशकों को सोच-समझकर और स्टॉक-विशिष्ट निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मुहूर्त ट्रेडिंग एक अच्छा अवसर है न केवल नए निवेश के लिए, बल्कि मौजूदा पोर्टफोलियो की समीक्षा करने के लिए भी। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने एसेट एलोकेशन की जांच करें और मजबूत बुनियादी कंपनियों में धीरे-धीरे निवेश करें। वहीं, अल्पकालिक बाजार में काम करने वाले कारोबारियों को तकनीकी स्तरों और वैश्विक संकेतों का ध्यान रखना चाहिए और तब ही कोई नई पोजिशन बनानी चाहिए।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसार, निफ्टी का मूल्यांकन इस समय आकर्षक नजर आता है। निफ्टी लगभग 17.5 गुना अनुमानित आय (फॉरवर्ड अर्निंग्स) पर कारोबार कर रहा है, जो इसके दीर्घकालिक औसत से 16 प्रतिशत कम है। हालांकि, स्मॉलकैप शेयर अपने ऐतिहासिक औसत मूल्यांकन से 25 प्रतिशत प्रीमियम पर हैं। ब्रोकरेज का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में कॉर्पोरेट आय की वृद्धि में सुधार होगा। निफ्टी की प्रति शेयर आय (ईपीएस) वित्त वर्ष 2026 में 5 प्रतिशत, वित्त वर्ष 2027 में 16 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2028 में 14 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों की पसंद में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं, पूंजी बाजार, विनिर्माण, वैश्विक आउटसोर्सिंग, निर्यात आधारित व्यवसाय, उपभोक्ता क्षेत्र और डिजिटल कारोबार शामिल हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य उपकरण, एयरोस्पेस, ऑटो कंपोनेंट्स, सक्रिय औषधीय सामग्री (एपीआई), परिधान उद्योग, पोर्ट लॉजिस्टिक्स, संगठित आभूषण कारोबार और क्विक-कॉमर्स क्षेत्र में भी निवेश के अवसर नजर आ रहे हैं।

हालांकि, विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान बड़े ऑर्डर या अत्यधिक आक्रामक ट्रेडिंग से बचना चाहिए। सीमित समय और कम कारोबार के कारण कीमतों में तेजी से बदलाव हो सकता है। नए निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे सिर्फ शुभ अवसर पर आधारित किसी शेयर में निवेश करने से बचें। इसके बजाय, उन्हें मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों में छोटी राशि से शुरुआत करनी चाहिए और लंबी अवधि का नजरिया रखना चाहिए।

तकनीकी दृष्टिकोण से, विशेषज्ञों का मानना है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान बाजार सीमित दायरे में रह सकता है। हाल की तेजी के बाद, निफ्टी 24,600 के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके लिए 24,350 का स्तर निकटतम समर्थन (सपोर्ट) और 24,700 से 24,800 का दायरा प्रमुख प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) क्षेत्र माना जा रहा है। विश्लेषकों ने यह भी कहा कि लगातार छह कारोबारी सत्रों की बढ़त के बाद, बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कमजोरी जैसे कारक निकट अवधि में निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। फिर भी, विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतक, विदेशी निवेशकों की वापसी और बेहतर कॉर्पोरेट नतीजे भारतीय बाजार के लिए एक सकारात्मक आधार प्रदान कर रहे हैं। इसलिए, मुहूर्त ट्रेडिंग में भावनात्मक निवेश करने के बजाय विवेकपूर्ण और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना अधिक लाभदायक होगा।

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