पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव और सोनिया गांधी की बयानबाजी पर निशाना साधा
पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव और सोनिया गांधी की बयानबाजी पर निशाना साधा
NewsPoint•
लखनऊ, 7 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के बाबरी विध्वंस पर दिए बयान पर जोरदार हमला बोला है। पंकज चौधरी का कहना है कि जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, अखिलेश यादव को रामलला के दीदार की याद आ रही है। वहीं, कांग्रेस बार-बार बाबरी विवाद को फिर से जिंदा करने की कोशिश कर रही है ताकि अपनी राजनीति चमका सके।
पंकज चौधरी ने शनिवार को एक बयान में कहा कि "अखिलेश यादव को निश्चित रूप से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने चाहिए, लेकिन उन्हें सनातन धर्म और हिंदू आस्था को लेकर अपने पुराने बयानों और राजनीतिक रुख पर भी जवाब देना चाहिए।" चुनाव से पहले अचानक मंदिर जाने की इच्छा और बाकी समय में सनातन धर्म पर सवाल उठाने की राजनीति से जनता में सवाल उठने लगे हैं। उन्होंने यह भी पूछा, "आखिर चुनाव नजदीक आते ही रामलला की याद क्यों आ रही है? क्या अब आस्था भी चुनावी रणनीति का हिस्सा बन गई है?"भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि "सोनिया गांधी बाबरी विध्वंस की घटना को फिर से राजनीतिक चर्चा में ला रही हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि "बाबरी विवाद पर देश की सर्वोच्च अदालत का फैसला आ चुका है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है और रामलला विराजमान हैं।" उनके अनुसार, देश इस पुराने विवाद को पीछे छोड़ चुका है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे को उठाकर अपने राजनीतिक लाभ को बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
पंकज चौधरी ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी चुनाव से पहले राम मंदिर के जरिए अपनी छवि बदलने में जुटी है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस बाबरी विध्वंस की याद दिलाकर अपनी राजनीति को आगे बढ़ाना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि "विपक्षी दलों के इन रुख से साफ है कि उनके पास जनता को देने के लिए विकास और जनकल्याण का कोई ठोस एजेंडा नहीं है।"
उन्होंने तंज कसा कि "देश की जनता विपक्ष की इस राजनीति को देख और समझ रही है। उसे पुराने विवादों पर बयानबाजी नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और जनकल्याण के लिए ठोस काम चाहिए।" पंकज चौधरी के अनुसार, अब जनता चुनावी समय में आस्था और धार्मिक मुद्दों पर होने वाली राजनीतिक बयानबाजी से प्रभावित होने वाली नहीं है।