आईएफएफआई गोवा 2026 में स्टार्टअप्स के लिए वेवएक्स पवेलियन में भागीदारी के लिए आवेदन आमंत्रित
आईएफएफआई गोवा 2026 में स्टार्टअप्स के लिए वेवएक्स पवेलियन में भागीदारी के लिए आवेदन आमंत्रित
NewsPoint•
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म और उससे जुड़ी तकनीक में काम कर रहे स्टार्टअप्स से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह आवेदन आईएफएफआई गोवा 2026 के दौरान आयोजित होने वाले वेवएक्स स्टार्टअप पवेलियन के लिए किए जाने हैं। मंत्रालय ने शनिवार को इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी किया। इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देना है, जहां वे अपने उत्पाद, तकनीक और नवाचार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म तथा मीडिया उद्योग के सामने प्रदर्शित कर सकें। इस पवेलियन में भाग लेने से स्टार्टअप्स को फिल्म निर्माताओं, प्रोडक्शन हाउसों, निवेशकों और वैश्विक रचनात्मक उद्योग से जुड़े अन्य लोगों के साथ नेटवर्किंग और सहयोग करने का मौका मिलेगा।
मंत्रालय ने बताया कि केवल वे स्टार्टअप्स ही आवेदन कर सकते हैं, जो डीपीआईआईटी (उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग) में पंजीकृत हैं और फिल्म एवं संबंधित तकनीकी क्षेत्रों में सक्रिय हैं। चयन प्रक्रिया में, पात्र स्टार्टअप्स का चयन वेवएक्स द्वारा बनाई गई चयन समिति द्वारा स्क्रीनिंग और मूल्यांकन के आधार पर होगा। मंत्रालय ने इच्छुक स्टार्टअप्स से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है, ताकि वे अपने नवाचारों को वैश्विक मंच पर दिखा सकें। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) की शुरुआत 1952 में हुई थी। यह एशिया के प्रमुख फिल्म समारोहों में से एक माना जाता है। गोवा में हर साल आयोजित होने वाला यह महोत्सव विश्व सिनेमा को एक मंच प्रदान करता है। यह रचनात्मक आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करता है।
वहीं, वेवएक्स योजना सरकार की एक स्टार्टअप एक्सेलरेटर और इनक्यूबेशन पहल है। इसका उद्देश्य मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। यह योजना विशेष रूप से एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसी-एक्सआर) से जुड़े स्टार्टअप्स को सहायता देने पर केंद्रित है।
सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय मंच जैसे वेव्स शिखर सम्मेलन भारत की रचनात्मक और इमर्सिव मीडिया क्षमताओं को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी दिशा में, केंद्रीय बजट 2026-27 में 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने के लिए 250 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया गया है।
इस पहल के तहत स्टार्टअप्स को एक चांस मिलेगा, जिससे वे अपने विचारों और तकनीकी कौशल को एक बड़े दर्शक वर्ग के सामने पेश कर सकें। यह एक बेहतरीन अवसर है, जिसका लाभ उठाना जरूरी है।