दीपोत्सव 2026: मालिनी अवस्थी ने 30 लाख दीयों के जलने पर जताई खुशी और अयोध्या की भव्यता का किया जिक्र

NewsPoint•
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अयोध्या दीपोत्सव 2026 के लिए गायिका मालिनी अवस्थी ने अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस बार 30 लाख दीये जलाए जाएंगे, जो पिछले साल के 5 लाख दीयों के रिकॉर्ड से कहीं अधिक है। मालिनी ने यह भी साझा किया कि भगवान राम की अयोध्या वापसी ही दीपोत्सव का असली अर्थ है और परिवार का एक होना ही दीपावली का असली मतलब है।

मालिनी अवस्थी ने कहा, "अयोध्या हम सभी के दिल में बसती है। हम यहां रहे हैं, इसलिए दीपोत्सव में हर साल यहां आते हैं। यह देखना सुखद है कि पांच लाख दीपों के कीर्तिमान से अब 30 लाख दीप जलने जा रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि लोग अब दीपावली का सच्चा अर्थ समझ रहे हैं।
उन्होंने राम मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि, "आप खुद ही देख रहे हैं। मैं आज जिस फ्लाइट में आई हूं, वह पूरी तरह पैक थी और उसमें अधिकतर यात्री कहना चाहिए श्रद्धालु, जो आ रहे थे, सब आजकल की भाषा में जिनको 'जेन-जी' कहा जाता है, वे युवा थे।" मालिनी ने इस बात पर जोर दिया कि भगवान राम और उनके जीवन मूल्य आज भी लोगों को जोड़े रखते हैं।

इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि देश और विदेश से रामलीलाएं अयोध्या में आ रही हैं। उन्होंने कहा, "देशभर से बल्कि विदेशों से भी रामलीलाएं आई हैं, जो रामलीला के माध्यम से राम के जीवन को दर्शाती हैं।" उन्होंने बताया कि यह उत्तर प्रदेश सरकार का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जो पिछले 10 वर्षों से दीपावली के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।

मालिनी देवी ने कहा, "रामलीला आमतौर पर वही होता है जो लोगों ने गांवों और कस्बों में देखा है, लेकिन प्रभु राम की कथा की व्याप्ति पूरे विश्व में है।" उन्होंने विशेष रूप से इंडोनेशिया, श्रीलंका और रूस की रामलीलाओं का जिक्र किया। ये सभी रामलीलाएं अलग-अलग संस्कृति में भगवान राम के आदर्शों को प्रदर्शित करती हैं।

उन्होंने उल्लेख किया कि जब रूसी कलाकार माता कैकेयी और भगवान हनुमान का अभिनय करते हैं, तो यह साबित करता है कि रामकथा सार्वभौमिक है। उन्होंने कहा, "क्योंकि कहीं न कहीं, हम कितना भी आगे बढ़ जाएं, कितनी भी तरक्की कर लें, जीवन में कितना भी प्राप्त कर लें, भोग-विलास में लिप्त रहें, लेकिन राम का जीवन एक आदर्श बनकर हम सबको झकझोरता और जगाता रहता है।"

मालिनी अवस्थी ने कहा कि इसी वजह से रामकथा हमेशा प्रासंगिक रहती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आजकल भी लोग रामलीला देखने की इच्छा रखते हैं। भरत मिलाप और धनुष यज्ञ जैसे प्रसंगों को देखकर आज भी तालियाँ बजती हैं।

अयोध्या के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि यह शहर सदियों से महत्वपूर्ण रहा है। लेकिन अब इसकी शोभा और भव्यता की पहचान पूरे भारत और दुनिया में बढ़ी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और सीएम योगी को इस विकास के लिए बधाई दी।

उन्होंने छेड़ा कि अयोध्या की आज की स्थिति दिखाती है कि यहां की संस्कृति और धार्मिकता ने इसे एक विशेष स्थान दिलाया है। "मैं आज यहां आई हूं," उन्होंने कहा।

मालिनी अवस्थी ने कहा कि दीपोत्सव का आयोजन अयोध्या में न केवल एक धार्मिक उत्सव है, बल्कि यह सांस्कृतिक सौहार्द का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि जब लोग अयोध्या आते हैं, तो वे रामजी के जीवन के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने के लिए यहां आते हैं।

उन्होंने अयोध्या के विकास को लेकर भी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अयोध्या अब एक ऐसा स्थान बन गया है, जहां देश और विदेश से लोग आकर राम कथा का आनंद लेते हैं। यह सभी के लिए बहुत सुखद अनुभव है।

अंत में, उन्होंने आग्रह किया कि लोग इस दीपोत्सव के अवसर पर अपने परिवारों के साथ एक दूसरे के संग जुड़ें और दीपावली का असली अर्थ समझें। "भगवान राम की अयोध्या वापसी ही दीपोत्सव है," उन्होंने कहा। इस तरह, मालिनी अवस्थी ने अयोध्या दीपोत्सव 2026 के आयोजन के महत्व और उसके पीछे की भावना को उजागर किया।

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