दिवाली और धनतेरस पर देशभर में खरीदारी ने पार किया 7 लाख करोड़ का आंकड़ा, दिल्ली में 1 लाख करोड़ का कारोबार
दिवाली और धनतेरस पर देशभर में खरीदारी ने पार किया 7 लाख करोड़ का आंकड़ा, दिल्ली में 1 लाख करोड़ का कारोबार
NewsPoint•
नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। इस साल दिवाली और धनतेरस पर घरेलू बाजारों में खरीदारों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिली है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में दिवाली से जुड़े व्यापार का आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपए को पार कर गया है। देशभर में कुल बिक्री 7 लाख करोड़ रुपए के आसपास पहुंचने की संभावना है। इस साल सोने, चांदी और आभूषणों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान और घरेलू उपकरणों तक की बिक्री में भारी तेजी आई है।
सीएआईटी के एक बयान में बताया गया कि मोबाइल फोन, एलईडी टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और एयर कंडीशनर जैसे उत्पादों में खरीदारों की रुचि बढ़ी है। कपड़ा और फैशन क्षेत्र में भी अच्छी बिक्री हुई है। साड़ियां, सूट, कुर्ते, और रेडीमेड परिधान की मांग में शानदार उछाल आया है। धार्मिक मामले जैसे मिट्टी के दीये, भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्तियां, पूजा सामग्री, मिठाइयां और अन्य खाद्य वस्तुओं की भी अच्छी बिक्री हुई है।ऑटोमोबाइल क्षेत्र ने भी तेजी से ग्राहकों को आकर्षित किया है। कारों, दोपहिया वाहनों और वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में सकारात्मक रुझान कायम रहा है। खादी और हस्तशिल्प वस्तुओं की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सीएआईटी के महासचिव और सांसद प्रवीण खंडेलवाल का कहना है, "अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में दिवाली से संबंधित कारोबार 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो चुका है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा 6 लाख करोड़ रुपए को पार कर चुका है।"
खंडेलवाल ने बताया कि बाजारों में लगातार बढ़ती ग्राहक भीड़ और मजबूत खरीदारी के रुझान को देखते हुए कुल कारोबार 7 लाख करोड़ रुपए के पार जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह कारोबार सिर्फ बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए नहीं है बल्कि छोटे और मध्यम व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, दिहाड़ी मजदूरों और कुटीर उद्योगों को भी लाभ पहुंचा रहा है।
खुद खंडेलवाल कहते हैं, "इस वर्ष के त्योहारी बाजारों में एक बड़ा बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उपभोक्ता अब पहले से ज्यादा संख्या में भारतीय और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं।" पीएम नरेंद्र मोदी की 'वोकल फॉर लोकल', 'आत्मनिर्भर भारत' और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल ने उपभोक्ताओं की खरीदारी आदतों में सकारात्मक बदलाव लाया है।
उन्होंने आगे कहा कि बाजारों में भीड़ ने न सिर्फ व्यापारिक गतिविधियों को गति दी है, बल्कि यह राजनीतिक रैलियों, विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों के कारण हुए व्यापारिक नुकसान की भरपाई का भी मौका दिया है। खंडेलवाल ने याद दिलाया कि पिछले महीने दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के कारण व्यापार को काफी नुकसान हुआ था, लेकिन त्योहारी खरीदारी ने व्यापारियों को राहत दी है।
ट्रेडर्स ने यह भी व्यक्त किया कि बड़ी संख्या में लोगों ने बाजारों का रुख किया है, जिससे यह संदेश गया है कि वे त्योहारों और व्यापार को राजनीतिक व्यवधानों का शिकार नहीं होने देना चाहते। सीएआईटी ने दिल्ली के व्यापारिक समुदाय की ओर से नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साल 2023 में दिवाली के दौरान उपभोक्ताओं ने जिस उत्साह और विश्वास का प्रदर्शन किया है, उसने व्यापार जगत में नई ऊर्जा का संचार किया है।
इस साल दिवाली पर बाजार में देखने को मिली भीड़ और खरीदारों का उत्साह इस बात की ओर इशारा करता है कि लोग आर्थिक गतिविधियों में नई जान डालने के लिए तत्पर हैं। इससे न केवल व्यापारियों को फायदा हुआ है, बल्कि स्थानीय उत्पादों को भी उपभोक्ताओं ने हाथोंहाथ लिया है।
ऐसा लगता है कि इस वर्ष के त्यौहारों ने न केवल बाज़ारों में रौनक लौटाई है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी एक मजबूत समर्थन दिया है।