विदेश मंत्री एस. जयशंकर और नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
NewsPoint•
नई दिल्ली में, 14 अक्टूबर को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य भारत और नेपाल के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना था। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
इस बैठक की झलक साझा करते हुए, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग से मिलकर अच्छा लगा।" इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के नेताओं के बीच आपसी संबंध कितने महत्वपूर्ण हैं। इससे पहले, गृह मंत्री अमित शाह ने 'बिम्सटेक' गृह मंत्रियों की बैठक के दौरान गुरुंग से मुलाकात की थी। इस दौरान, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को और बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। गृह मंत्री शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "नई दिल्ली में बिम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली बैठक के दौरान नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग से मिलकर खुशी हुई। हमने द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने और हमारे क्षेत्र में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत और नेपाल के बीच करीबी संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।" इस पोस्ट से यह संकेत मिलता है कि भारत और नेपाल की सरकारों ने एक-दूसरे के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझा है और वे मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।
बैठक के दौरान, गुरुंग ने नेपाल में हाल में आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद भारत से मिली मदद के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के लोगों के बीच परस्पर सहयोग कितना महत्वपूर्ण है। गुरुंग ने संप्रभु समानता, आपसी सम्मान और भरोसे के आधार पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता भी जाहिर की।
बैठक का मुख्य फोकस सीमा प्रबंधन, द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग और आपदा प्रबंधन पर था। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए मिलकर काम करने पर भी चर्चा हुई। नेपाली मिशन ने बताया कि गुरुंग ने आपदा की तैयारी और प्रतिक्रिया के लिए एक बिम्सटेक क्षेत्रीय फ्रेमवर्क का प्रस्ताव रखा है, जिसके समर्थन के लिए एक संयुक्त टास्क फोर्स की जरूरत महसूस की गई है।
गृह मंत्री शाह ने इस बैठक के अंतिम चरण में 'दिल्ली घोषणापत्र' को अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा, "आज नई दिल्ली में बिम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली बैठक की अध्यक्षता की, जिसके आखिर में ऐतिहासिक 'दिल्ली घोषणापत्र' को अपनाया गया।" यह घोषणापत्र बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक के दौरान आतंकवाद, आतंकवाद की फंडिंग और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। गृह मंत्री शाह ने कहा कि हम सभी मिलकर एक सुरक्षित और मजबूत क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं।
इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारत और नेपाल के बीच रिश्ते अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। इन दोनों देशों के बीच आपका सुरक्षा सहयोग और आपसी सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता आने वाले दिनों में एक नई दिशा दे सकती है।