चीन और डीपीआरके के बीच यालू नदी पर बना नया पुल यातायात के लिए खोला गया

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Navbharat Times
बीजिंग, 15 अक्टूबर (आईएएनएस) – चीन और डीपीआरके ने यालू नदी पर नया पुल गुरुवार को आधिकारिक रूप से खोल दिया। इस पुल का उद्घाटन दोनों देशों ने मिलकर किया। चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस अवसर पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि यह पुल चीन और डीपीआरके के शीर्ष नेताओं की साझा चिंता और प्रयासों का परिणाम है। इससे ना केवल दो देशों के आर्थिक सहयोग को मजबूती आएगी, बल्कि यह लोगों के बीच भी आवागमन को बढ़ावा देगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह पुल चीन-डीपीआरके की पारंपरिक दोस्ती का नया प्रतीक होगा।

ली छ्यांग ने कहा, "दोनों पक्षों को इस अवसर का उपयोग कर सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाना चाहिए, कनेक्टिविटी के स्तर को बढ़ाना चाहिए और सीमावर्ती क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं का पता लगाना चाहिए।" वह यह भी चाहते हैं कि दोनों देशों के लोग इस पुल के माध्यम से एक-दूसरे के कल्याण के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि चीन और डीपीआरके "पर्वतों और नदियों से जुड़े समाजवादी मित्र राष्ट्र हैं।"
नवीनतम पुल की जानकारी देते हुए, यह बताया गया कि यह पुल पूर्वोत्तर चीन के ल्याओनिंग प्रांत के तानतोंग शहर और डीपीआरके के उत्तरी प्योंगान प्रांत के सिनुइजू शहर के बीच बना है। पुल का डिजाइन डबल-पायलन और डबल-केबल-प्लेन के रूप में किया गया है। इसका डेक 28.5 मीटर चौड़ाई में है, जिसे चार लेन के लिए बनाया गया है। इसके अलावा, यह पुल 3000 टन वजन के जहाजों के लिए भी उपयुक्त है।

इस पुल के उद्घाटन से पहले, यालू नदी पर एक पुराना पुल था, जिसे चीन-डीपीआरके मैत्री पुल के रूप में जाना जाता था। हालांकि, पुराने पुल में केवल एकतरफा सड़क यातायात के लिए 20 टन तक वजन वाले ट्रकों को ही अनुमति थी। वर्ष 2010 में, चीन और डीपीआरके ने निर्णय लिया कि यालू नदी पर एक नया सड़क पुल बनाएंगे। इसके पश्चात यह नया पुल तैयार हुआ है।

इस उद्घाटन समारोह में डीपीआरके के कैबिनेट प्रधानमंत्री पाक थे-सोंग ने भी वीडियो के जरिए अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि यह पुल दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

ली छ्यांग ने अपने संबोधन में कहा कि चीन डीपीआरके के साथ मिलकर राजनीतिक विश्वास को मजबूत करने, व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करने और बहुपक्षीय समन्वय को बढ़ाने में निरंतर प्रयास करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे और दोनों देशों की जनता को अधिक लाभ मिलेगा।

इस प्रकार, यह नया पुल चीन-डीपीआरके संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इससे ना केवल व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, बल्कि आम लोगों के लिए भी यात्रा करना सरल होगा। यह दोनों देशों के बीच की मित्रता को और अधिक गहरा करेगा।

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