भाजपा ने राहुल गांधी के अराजकता के बयानों पर तीखा हमला बोला, लोकतंत्र को समझाने की कोशिश

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Navbharat Times
पटना, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार में भाजपा ने राहुल गांधी के हालिया बयानों पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा कि राहुल गांधी अराजकता का माहौल बना रहे हैं और कानून से ऊपर रहने की गलती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल और उनके साथियों का यह व्यवहार चिंताजनक है। पिछले कुछ दिनों से वे बिना किसी कारण के कहीं भी चले जा रहे हैं। अगर उनके पास कोई ठोस आधार है, तो उन्हें इसकी जानकारी देने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना प्रक्रिया के अपनी बात मनवाने की कोशिश करना खानदानी अहंकार है।

गुरु प्रकाश ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में अपनी मांगें मनवाने का एक निश्चित तरीका होता है। उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से एक शब्द होता है 'मिसाल' यानी काम करने का पहले से तय तरीका।" उन्होंने यह भी ध्यान दिलाया कि इस तरह की अराजकता से भविष्य में लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं प्रभावित होंगी। उन्होंने कहा, "आप किस तरह की मिसाल कायम कर रहे हैं? देश इस तरह नहीं चलता। लोकतंत्र जन-मर्यादा, संविधान और संवैधानिक नैतिकता के आधार पर चलता है।"
गुरु प्रकाश ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि राहुल गांधी न तो देश के पहले नागरिक हैं और न ही वे कानून से ऊपर हैं। उन्होंने कहा, "कुछ प्रक्रियाएं होती हैं जिनका पालन किया जाना चाहिए और आप देश के पहले नागरिक नहीं हैं।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राहुल गांधी को यह गलतफहमी है कि वे कानून और संविधान से ऊपर हैं। "यह दुर्भाग्य की बात है कि बाबा साहब अंबेडकर ने जो संविधान बनाया है, वह सभी को समान दर्जा देता है।"

इस बीच, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी जिसमें तमिलनाडु में धर्मांतरित मुसलमानों के लिए आरक्षण को रद्द किया गया था। गुरु प्रकाश ने कहा कि आरक्षण का लाभ उन्हीं सामाजिक वर्गों को मिलना चाहिए जिन्होंने भेदभाव और अत्याचार सहा है। "भारत में हिंदू समाज के दलित वर्ग और अनुसूचित जाति को आरक्षण का लाभ मिलेगा।" उन्होंने कहा कि जो समाज अन्याय और अत्याचार झेल चुका है, उसे आरक्षण मिलना चाहिए।

गुरु प्रकाश ने यह भी कहा कि अगर धर्मांतरण कर आरक्षण लिया जाएगा, तो वास्तव में जिनको आरक्षण मिलना चाहिए, वे वंचित रह जाएंगे। यह स्थिति सही नहीं है।

इस पूरे वार्तालाप में, भाजपा की स्थिति स्पष्ट है। वे राहुल गांधी और उनके समर्थकों के व्यवहार की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक है और किसी को भी कानून से ऊपर रहने का अधिकार नहीं है। भाजपा इस मुद्दे को उठाकर अपने राजनीतिक एजेंडे को मजबूती प्रदान करना चाहती है।

राहुल गांधी की गतिविधियों पर इस तरह की बौद्धिक प्रतिक्रिया, देश की राजनीतिक स्थिति को दर्शाती है। यह दर्शाता है कि राजनीति में अब कोई भी व्यक्ति कानून और नियमों से ऊपर नहीं है। इन बयानों के माध्यम से भाजपा ने एक बार फिर अपनी स्थिति को स्पष्ट कर दिया है।

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