राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोलते हुए कांग्रेस के चुनाव सुधार एजेंडे पर उठाए सवाल
राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोलते हुए कांग्रेस के चुनाव सुधार एजेंडे पर उठाए सवाल
NewsPoint•
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। लखनऊ में 16 अक्टूबर को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मकसद चुनाव सुधार नहीं है, बल्कि वह लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करके देश में अराजकता फैलाना चाहती है। राजनाथ सिंह का आरोप है कि राहुल गांधी संविधान का सहारा लेकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की कमजोर स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी 37 वर्षों से सत्ता से बाहर है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आजकल 'रिजीम चेंज' जैसे शब्दों का इस्तेमाल हो रहा है। इससे स्पष्ट है कि विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधार या चुनाव आयोग के खिलाफ नहीं है। उनका मानना है कि इस पीछे की साजिश देश में अस्थिरता पैदा करना और सत्ता प्राप्त करना है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस और उसके सहयोगी देश के युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के बजाय उसे नकारात्मक गतिविधियों में लगा रहे हैं।"राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को याद दिलाते हुए कहा कि 1975 में इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र को सलाखों के पीछे डाल दिया था। उन्होंने कहा, "उन्होंने लोकतंत्र को कैद कर लिया था। आज राहुल गांधी संविधान को अपनी जेब में रखकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।" उन्होंने कांग्रेस के इतिहास पर भी प्रश्न उठाते हुए कहा कि इसके पन्ने पलटने पर कई काले अध्याय मिलेंगे।
रक्षा मंत्री ने चुनाव आयोग और उसकी प्रक्रियाओं को लेकर कांग्रेस के आरोप पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में चुनाव आयोग को अपने नियंत्रण में रखने की कोशिश की थी। उन्होंने 1993 में चुनाव आयोग में किए गए बदलावों का उल्लेख किया। इसके अलावा, उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी के एक पत्र का हवाला दिया। इसमें गोपालस्वामी ने तत्कालीन राष्ट्रपति को लिखा था कि नवीन चावला, जो चुनाव आयुक्त थे, ने चुनाव आयोग की संवेदनशील जानकारी कांग्रेस नेताओं के साथ साझा की थी।
राजनाथ सिंह ने कहा, "गोपालस्वामी ने आरोप लगाया था कि चावला ने चुनाव आयोग की महत्वपूर्ण जानकारी साझा की थी।" उन्होंने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए कांग्रेस से उसके पुराने रिकॉर्ड पर जवाब देने की मांग की।
इस प्रकार, राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का अभियान लोकतंत्र को सुधारने का नहीं बल्कि इसे कमजोर करने का है। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास को एक बार फिर से परखा और उसके द्वारा किए गए कार्यों पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि सत्ता के लिए यह एक साजिश का हिस्सा है।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह साफ हो गया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर जमकर हमला किया है। उनका दावा है कि राहुल गांधी और कांग्रेस की मंशा सत्ता प्राप्त करना है, न कि देश के लोकतंत्र को सुधारना। यह बयान राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर सकता है और आगामी चुनावों को लेकर सियासी समीकरणों में बदलाव ला सकता है।