त्रिपुरा में बीएसएफ ने बांग्लादेश पुलिस के दो कर्मियों को सौंपा, घटना की पूरी जानकारी
त्रिपुरा में बीएसएफ ने बांग्लादेश पुलिस के दो कर्मियों को सौंपा, घटना की पूरी जानकारी
NewsPoint•
अगरतला, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले में बांग्लादेश पुलिस के दो कर्मियों को बीएसएफ और बीजीबी के बीच हुई फ्लैग मीटिंग के बाद बांग्लादेशी अधिकारियों को सौंप दिया गया। ये घटना गुरुवार रात हुई जब ये कर्मी भारतीय सीमा में दाखिल हो गए। पुलिसकर्मियों की पहचान एएसआई इमरान हुसैन और कांस्टेबल रोहित दीवान के रूप में की गई है। दोनों बांग्लादेश के कोमिला जिले में तैनात हैं।
रात के समय, दोनों कर्मी एक मादक द्रव्य विरोधी अभियान चला रहे थे। तभी दीवान ने एक संदिग्ध तस्कर का पीछा किया और अनजाने में भारतीय सीमा में घुस गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और बीएसएफ को सौंप दिया। एएसआई हुसैन भी तब हिरासत में थे जब वह अपने साथी को वापस लाने के लिए भारतीय क्षेत्र में आए। बीएसएफ ने उन्हें थाने के पास रखा और पूछताछ की। इसके बाद, दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद एक फ्लैग मीटिंग आयोजित की गई। इस मीटिंग में दोनों पक्षों के बीएसएफ और बीजीबी के सदस्य, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मीटिंग के बाद, दोनों बांग्लादेश पुलिसकर्मियों को बांग्लादेशी अधिकारियों के हवाले कर दिया गया।
इस मामले में साझा जानकारी का अभाव है। अधिकारियों ने कहा कि किसी विस्तृत आधिकारिक बयान की तुरंत पुष्टि नहीं हुई। त्रिपुरा की बांग्लादेश के साथ 856 किमी लंबी सीमा है। यहां के स्थानीय लोग सीमा पार अवैध गतिविधियों के प्रति काफी सावधान रहते हैं।
इस सीमा पर तस्करी, अवैध गतिविधियों और घुसपैठियों के मुद्दे आम हैं। इसके अलावा, 50 किमी के हिस्से को छोड़कर, अधिकांश सीमा पर बाड़ लगाई गई है। इससे तस्कर और शत्रु तत्वों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके।
इस घटना ने सीमाई मुद्दों और दोनों देशों के संबंधों पर एक बार फिर से चर्चा का विषय बना दिया है। भारत और बांग्लादेश के बीच इस तरह के संवाद से दोनों देशों के बीच सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।
इस मामले में बिना किसी विस्तृत विवरण के, बांग्लादेश पुलिस के कर्मियों को सुरक्षित तरीके से उनके देश लौटाने का कार्य प्रशंसा का पात्र है। बीएसएफ और बीजीबी की यह कार्रवाइयां सीमाई सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करती हैं।