महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा की दर्ज की प्राथमिकी
महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा की दर्ज की प्राथमिकी
NewsPoint•
उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन पर मारपीट, जातिसूचक गालियाँ देने और जान से मारने की साजिश का आरोप है। इस समय रेखा आर्या का इलाज देहरादून के कृष्णा मेडिकल सेंटर में चल रहा है। रेखा ने बताया कि शादी से पहले उन्हें नहीं पता था कि उनका पति पहले से ही शादीशुदा है। विवाह और बच्चों के जन्म के बाद उन्हें यह जानकारी मिली, लेकिन पारिवारिक और भावनात्मक कारणों से वह आगे बढ़ती गईं।
रेखा ने पति पर 10 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप लगाने का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा, "यह तहरीर वापस लेने की एक मीठी धमकी है। इसमें एफआईआर वापसी के साथ में भ्रष्टाचार होना या न होना तय होना है।" रेखा की राजनीतिक यात्रा 2003 में निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य बनने के साथ शुरू हुई। उन्होंने बताया कि उनकी संपत्तियों का पूरा विवरण 2003, 2012, 2014 और 2022 में भी स्पष्ट था। उनकी संपत्तियों की जानकारी एक खुली किताब के समान है। अगर किसी को संदिग्धता हो, तो वह जांच करवा सकता है।रेखा ने अपना निजी जीवन साझा करते हुए कहा, "मैं काफी लंबे समय से इसको झेल रही थी। कोई महिला नहीं चाहती कि उनका घर टूटे। मुझे भी यह सब कुछ बहुत ही पीड़ा के साथ करना पड़ रहा है।" उन्होंने यह भी बताया कि 2024 में उन्होंने एक महिला, कल्पना, के खिलाफ एक केस दर्ज कराया था, जहां उन्होंने आरोप लगाया था कि वही महिला उनके दस्तावेजों और घर का पता गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही थी।
रेखा ने यह खुलासा किया कि सार्वजनिक रूप से अपने निजी जीवन की बातें साझा करने का कारण यह है कि वह एक जन प्रतिनिधि हैं। वह तीन बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुकी हैं। वह कई विभागों का काम देखती हैं। रेखा का कहना है कि ज्यादातर महिलाएं अपनी ज़िन्दगी में कई चीजें सहती हैं। समाज, रिश्तेदारों और लोगों के डर से वे अपनी समस्याओं को छिपाकर रखती हैं। वह अपनी स्थिति से बाहर निकलते हुए अपने पति के खिलाफ शिकायत करने का साहस जुटाने में सफल रहीं।
रेखा आर्या के मामले ने उत्तराखंड में महिलाओं की घरेलू हिंसा की समस्या को एक बार फिर से उजागर किया है। उन्होंने माना कि समाज में महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने में भी कठिनाई होती है। रेखा आर्या ने कहा, "इसी प्रकार मेरे ऊपर भी यह सारा दबाव था। हालांकि इन सभी से हटकर मैंने अपने पति के खिलाफ लिखित शिकायत दी है।"
यह पूरा मामला महिला शक्ति और उनके अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। रेखा आर्या की हिम्मत कई अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है। जब महिलाएँ अपने अधिकारों के लिए खड़ी होती हैं, तो यह समाज में बदलाव लाने की दिशा में एक कदम होता है। अब देखना यह है कि इस मामले की जांच कैसे होती है और रेखा आर्या को न्याय मिलता है या नहीं।