मणिपुर पुलिस हाफ मैराथन में 3,000 से अधिक धावकों ने लिया भाग: स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा

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इंफाल, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। मणिपुर पुलिस ने रविवार को 'मणिपुर पुलिस हाफ मैराथन' का आयोजन किया। इस दौड़ में 3,000 से अधिक धावक शामिल हुए, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। यह आयोजन मणिपुर पुलिस के 135वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में हुआ। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह ने इस दौड़ को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। इस मैराथन का उद्देश्य शारीरिक फिटनेस, खेल उत्कृष्टता, और समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देना है।

धावकों की भागीदारी ने इस आयोजन को जीवन्त बना दिया। आयोजकों ने 'चिप-युक्त बिब' का इस्तेमाल किया, जिससे धावकों का समय सटीकता से रिकॉर्ड किया जा सका। यह तकनीक परिणामों में पारदर्शिता लाने में मददगार साबित हुई। मुख्य सचिव राजीव सिंह ठाकुर ने पुरस्कार वितरण समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले धावकों को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा, "हम धावकों के समर्पण और मेहनत की सराहना करते हैं।"
इस हाफ मैराथन का उद्देश्य सिर्फ दौड़ना नहीं था, बल्कि इसे सामुदायिक जुड़ाव और पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंध बनाने के लिए भी आयोजित किया गया था। बड़ी संख्या में लोग इस इवेंट का हिस्सा बने, जिससे यह आयोजन सफल रहा। मणिपुर पुलिस ने सभी सहयोगियों और सहभागी धावकों का आभार जताया, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायता की। पुलिस ने प्रायोजकों और इवेंट पार्टनर्स को भी धन्यवाद दिया।

यह हाफ मैराथन मणिपुर पुलिस के 135वें स्थापना दिवस के आयोजनों का हिस्सा है। यह पुलिस बल की जनसेवा, फिटनेस और सामुदायिक जुड़ाव के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मणिपुर पुलिस का इतिहास एंग्लो-मणिपुर युद्ध के बाद से शुरू होता है, जब अंग्रेजों ने यहां प्रशासन अपने हाथ में लिया। उस समय 'स्टेट मिलिट्री पुलिस' का गठन हुआ, जिसमें पहला कमांडेंट राजनीतिक एजेंट क्रॉफर्ड थे। आगे चलकर यह 'मणिपुर राइफल्स' के रूप में विकसित हुआ।

पिछले कुछ दशकों में, मणिपुर पुलिस ने अपनी शक्तियों और जिम्मेदारियों को बढ़ाया है। 1950 के दशक के अंत से, मणिपुर पुलिस ने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और उग्रवाद से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस दौरान, कई जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाई है। मणिपुर राइफल्स की पहली बटालियन इस बल की लंबी विरासत को स्थापित करती है।

इस आयोजन से सभी को फिट रहने और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक कदम बढ़ाया गया है। हाफ मैराथन ने लोगों में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। यह सिर्फ एक दौड़ नहीं थी; यह मणिपुर पुलिस का एक संकल्प था जिसमें उन्होंने अपनी सेवा और उनके प्रति लोगों के विश्वास को बढ़ाने का प्रयास किया।

आखिरकार, मणिपुर पुलिस ने इस हाफ मैराथन के जरिए न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा दिया, बल्कि समुदाय को एकजुट करने का भी उद्देश रखा। इस प्रकार, यह आयोजन भविष्य की प्रेरणा देने वाला बन गया है और आशा करते हैं कि आगे भी ऐसे कार्यक्रम होते रहेंगे।

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