भारतीय डाक विभाग का विशेष अभियान 6: 1,50,000 जन शिकायतों का समाधान और 1,35,000 स्थानों पर स्वच्छता का लक्ष्य

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भारतीय डाक विभाग ने 'विशेष अभियान 6' के तहत अपने प्रयासों को तेज करने का निर्णय लिया है। यह अभियान नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने, स्वच्छता बनाए रखने और ई-कचरे का सही तरीके से प्रबंधन करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इस अभियान का लक्ष्य 1,50,000 शिकायतों का निपटारा करना, 1,500 अपीलों का समाधान करना और देशभर में 1,35,000 स्थानों पर स्वच्छता अभियान संचालित करना है। यह पहल कुशल जन सेवा के साथ जिम्मेदार और प्रभावी शासन के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

डाक विभाग ने 16 अक्टूबर तक अब तक 73,814 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया है, जो कि निर्धारित लक्ष्य का करीब 55 प्रतिशत है। संचार मंत्रालय के अनुसार, 1,50,000 शिकायतों के मुकाबले 1,00,214 शिकायतों का समाधान किया गया है, जो लगभग 67 प्रतिशत है। साथ ही, 1,500 अपीलों में से 764 का निपटारा किया गया है, जो कि 51 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट होता है कि डाक विभाग अपने लक्ष्यों के प्रति गंभीर है और सक्रियता से कार्य कर रहा है।
इस अभियान के तहत 2 अक्टूबर 2026 से अब तक 3,06,026 किलोग्राम कबाड़ का सही तरीके से निपटान किया गया है। इससे 67.56 लाख रुपए की कमाई हुई है। ई-कचरे के प्रबंधन पर जोर देते हुए, 17,980 किलोग्राम ई-कचरे का निपटान किया गया है, जिससे 27.64 लाख रुपए की कमाई हुई है। ये प्रयास पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षित निपटान के प्रति विभाग की जिम्मेदारी को दर्शाते हैं।

पश्चिम बंगाल सर्कल में, विभागीय कर्मचारियों ने 'मेल मोटर सर्विस' के सीनियर मैनेजर के कक्ष का नवीनीकरण किया। इसके लिए उन्होंने बेकार पड़ी लकड़ी का उपयोग किया। यह पहल "कचरे से धन" की अवधारणा को प्रदर्शित करती है, जो बताती है कि कैसे बेकार चीजों का रचनात्मक उपयोग करके कार्यालय के वातावरण को सुधार सकते हैं।

नागरिकों को ध्यान में रखते हुए, डाक विभाग ने 'डिजीपोस्ट' नाम की एक नई मेल सेवा शुरू की है। इसके जरिए ट्रैफिक ई-चालान, जो गुजरात पुलिस द्वारा जारी किए गए हैं, नागरिकों तक भौतिक रूप से पहुंचाए जाते हैं। यह पहल डाक नेटवर्क की क्षमता को दिखाती है, जो डिजिटल सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में सक्षम है।

इस तरह, 'विशेष अभियान 6' ना केवल स्वच्छता और शिकायत निवारण को बढ़ावा देता है, बल्कि ई-कचरे के प्रबंधन के प्रति भी संवेदनशीलता दिखाता है। इस प्रकार, डाक विभाग ने अपने कार्यों के प्रति एक नई दिशा में बढ़ने की ठानी है। यह न केवल नागरिकों के लिए बेहतर सेवाएं प्रदान करने का लक्ष्य रखता है, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझता है।

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