कांग्रेस पार्टी में Cmrl एक्सालॉजिक मामले को लेकर मतभेद, मैथ्यू कुझलनादन का विरोध
कांग्रेस पार्टी में CMRL-एक्सालॉजिक मामले को लेकर मतभेद, मैथ्यू कुझलनादन का विरोध
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तिरुवनंतपुरम, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में कांग्रेस के भीतर अंतर्द्वंद्व गहरा गया है। जब विधायक मैथ्यू कुझलनादन ने मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के पिनाराई विजयन के खिलाफ जल्द से जल्द मामला दर्ज न करने के निर्णय का विरोध किया, तब यह विवाद और बढ़ गया। कुझलनादन ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पूछा, "विजयन को वो न्याय क्यों मिलना चाहिए, जिसे एलडीएफ सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी को वंचित रखा?" इस चर्चा ने उन सदस्यों के विचारों में अंतर खोल दिया, जो तुरंत कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे थे, जबकि पार्टी का नेतृत्व इसे राजनीतिक और कानूनी समझदारी के साथ संभालने की सलाह दे रहा था।
बैठक में सतीशन ने जोर दिया कि कुझलनादन युवा जोश में ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सही तरीका यह है कि किसी मामले में जल्दीबाजी न की जाए। इसमें गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला, स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन और बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने सतीशन का समर्थन किया। यह टकराव तब हुआ, जब कुझलनादन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार के रवैये की आलोचना की। उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले के बाद सरकार को अपना रुख बदलना चाहिए। उन्होंने सरकार को दी गई कानूनी सलाह पर भी सवाल उठाया।कुझलनादन ने कार्यवाही की जटिलता बताते हुए कहा, "मैंने 'एक्सलॉजिक' मामले को काफी हद तक अकेले ही लड़ा है और इसके कारण मुझे उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, जिसमें विजिलेंस जांच भी शामिल है।" इसके अलावे, उन्होंने गृह मंत्री को एक पत्र लिखकर सरकार के रवैये का विरोध किया। चेन्नीथला ने उत्तर दिया कि इस मुद्दे पर वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा हो चुकी है और यह जानकारी उन्हें नहीं थी कि कुझलनादन इस मामले को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनसे सलाह ली जाती, तो वे ऐसा न करने की सलाह देते।
सतीशन ने कहा कि अगर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के किसी संवाद के आधार पर जल्दी में कदम उठाए जाएंगे, तो यह राजनीतिक रूप से नासमझी होगी। उन्होंने बताया कि पहले की कानूनी कार्रवाइयों से विजयन को ही लाभ हुआ है। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के रुख को सवालों के घेरे में ला दिया है। दरअसल, जनवरी में आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने इस मामले को अपने प्रचार का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनाया था।
यूडीएफ ने सत्ता में आने से पहले सीएमआरएल-एक्सालॉजिक से जुड़े आरोपों के लिए पूर्व सरकार पर कई बार निशाना साधा था। अब पार्टी के कुछ सदस्यों में असंतोष बढ़ गया है और नेतृत्व के सतर्क रवैये पर सवाल उठाए जा रहे हैं। क्या कांग्रेस अपने मुख्य आरोपों से पीछे हट रही है? यह सवाल पार्टी के लिए गंभीर बन गया है।
इस बीच, यह मामला नए सिरे से गरमा सकता है। दरअसल, पिनाराई विजयन ने हाई कोर्ट के निर्देश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। इस घटनाक्रम से साफ है कि कांग्रेस के भीतर गहरी अंदरूनी कलह चल रही है और यह मामला जल्द ही और तूल पकड़ सकता है। यह कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।