कलकत्ता हाई कोर्ट ने Wbec को चुनावों के लिए पुराने ईवीएम डेटा के हटाने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाई कोर्ट ने WBEC को चुनावों के लिए पुराने ईवीएम डेटा के हटाने का निर्देश दिया
NewsPoint•
कोलकाता, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। कलकत्ता हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग (डब्ल्यूबीईसी) को निर्देश दिया है कि वह राज्य में होने वाले शहरी निकाय चुनावों के लिए पुराने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) से डेटा हटा दे। इनमें कोलकाता और हावड़ा नगर निगम शामिल हैं। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि केएमसी के तीन वार्ड और पूर्वी मिदनापुर के कोंटाई नगर पालिका से संबंधित ईवीएम डेटा को नहीं हटाया जाएगा।
इस आदेश के पीछे की वजह यह है कि आगामी चुनावों के लिए चुनाव आयोग के पास पर्याप्त ईवीएम नहीं थीं। इसलिए डब्ल्यूबीईसी ने कोर्ट से अनुरोध किया कि वह पुराने डेटा को हटाने और ईवीएम का पुनः उपयोग करने की अनुमति प्रदान करें। कोर्ट में सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस रवींद्र विट्ठलराव घुगे ने यह पूछा था कि क्या ईवीएम का डेटा हार्ड डिस्क पर सेव किया जा सकता है और क्या चुनावों से पहले डेटा हटाना जरुरी है। डब्ल्यूबीईसी ने इस पर कहा कि पुराना डेटा हटाना संभव है।12 अक्टूबर को हुई पिछली सुनवाई में, डब्ल्यूबीईसी ने कहा था कि कई ईवीएम को पिछले चुनावों से जुड़े मामलों के चलते सुरक्षित रखा गया था। अब नवंबर में कई शहरी निकाय चुनाव हो रहे हैं और नतीजों की घोषणा दिसंबर में होने की योजना है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट का स्टे ऑर्डर केवल कोंटाई नगर पालिका के कुछ खास वार्डों पर लागू होता है।
इससे पहले, राज्य के एडिशनल एडवोकेट जनरल बिलाबियल भट्टाचार्य ने कोर्ट में कहा कि अन्य नगर पालिकाओं के मामले कलकत्ता हाई कोर्ट के विचाराधीन हैं। इसके बाद डिवीजन बेंच ने निर्णय लिया कि केएमसी के उन तीन वार्ड और कोंटाई के मामले छोड़कर, बाकी ईवीएम से पुराना डेटा हटाकर चुनाव के लिए तैयार किया जा सकता है।
राज्य में चुनावी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए इस कदम को उठाया गया है। इससे आशा की जा रही है कि चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। बहरहाल, अब डब्ल्यूबीईसी को अपनी तैयारी तेज करनी होगी। चुनावी माहौल में यह कदम महत्वपूर्ण है, जिससे मतदान की प्रक्रिया सही दिशा में बढ़ सकेगी।