17 अक्टूबर को मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय निर्धनता उन्मूलन दिवस, जानें इसका महत्व और इतिहास
17 अक्टूबर को मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय निर्धनता उन्मूलन दिवस, जानें इसका महत्व और इतिहास
NewsPoint•
हर साल 17 अक्टूबर को 'गरीबी उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस' मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य दुनिया भर में खासकर विकासशील देशों से गरीबी को समाप्त करना और गरीबों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन को मनाने की शुरुआत 17 अक्टूबर 1987 को पेरिस में हुई थी। उस दिन एक लाख से ज्यादा लोग इकट्ठा हुए थे। उन्होंने अत्यधिक गरीबी, हिंसा और भूख से प्रभावित लोगों को सम्मानित किया। यह कार्यक्रम मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के तहत हुआ था। यहाँ पर जोसेफ व्रेसिंस्की ने एक स्मारक पत्थर का अनावरण किया। उनकी मृत्यु के चार साल बाद, 22 दिसंबर 1992 को, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिन को आधिकारिक रूप से 'गरीबी उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस' के रूप में घोषित किया।
हर साल विभिन्न पृष्ठभूमियों और मान्यताओं के लोग मिलकर गरीबों के प्रति एकजुटता दिखाते हैं। इस दिन गरीबों के संघर्षों को मान्यता देने का मौका मिलता है। वे अपनी चिंताओं को व्यक्त करते हैं और यह दर्शाते हैं कि गरीबी के खिलाफ लड़ाई में गरीब लोग सबसे आगे हैं। इस अवसर को बढ़ावा देने के लिए 2008 में एक अंतरराष्ट्रीय समिति बनाई गई थी। इस समिति में ऐसे लोग शामिल हैं, जिन्हें अत्यधिक गरीबी का खुद अनुभव है और जो मानवाधिकारों के लिए लड़ाई कर रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय समिति हर साल एक मंच के माध्यम से परामर्श प्रक्रिया में भाग लेती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य गरीबों के अनुभवों से सुझाव लेकर संयुक्त राष्ट्र द्वारा 17 अक्टूबर के आयोजन के लिए एक विषय चुनना है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि जो विषय चुना जाए, वह वास्तव में गरीबों की समस्याओं को उजागर करता है। यह समझना बहुत जरूरी है कि गरीबी सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं है, यह मानवता और अधिकारों से जुड़ा मामला भी है।
17 अक्टूबर का दिन हमें याद दिलाता है कि गरीबी उन्मूलन की दिशा में हम सब की जिम्मेदारी है। यह दिन हमें प्रेरित करता है कि हम गरीबों के अधिकारों के प्रति सजग रहें और उनके लिए आवाज उठाएं। हमें मिलकर यह सुनिश्चित करना है कि एक दिन हमारी दुनिया से गरीबी का नामोनिशान मिट जाए। गरीबी उन्मूलन के इस संघर्ष में हर किसी का योगदान महत्वपूर्ण है।