जनगणना 2027 की तैयारी शुरू: यूपी में डिजिटल डेटाबेस और प्रशिक्षण पर जोर

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उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्य सचिव एस पी गोयल ने अधिकारियों को डिजिटल डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए हैं। गणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। पहला चरण मई-जून 2026 में होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा।

census 2027 emphasis on digital preparation training and self enumeration in up
लखनऊ, 8 अप्रैल (पीटीआई) उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस पी गोयल ने बुधवार को जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को 10 अप्रैल तक गणकों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण काम पूरे करने के निर्देश दिए। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ हुई। इसमें घर-घर जाकर गिनती और आवासों की गणना पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो पहले चरण में होनी है।

भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण भी इस बैठक में शामिल हुए और उन्होंने कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश जारी किए। गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरी और सटीक गिनती सुनिश्चित करें। खासकर घनी आबादी वाले शहरी इलाकों, झुग्गी-बस्तियों और ज्यादा घूमने-फिरने वाली आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने यह भी कहा कि 10 अप्रैल तक लगभग 5.5 लाख गणकों और पर्यवेक्षकों का एक सत्यापित और अद्यतन डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने आगे कहा कि सभी गणकों और पर्यवेक्षकों को फील्ड में भेजने से पहले अनिवार्य और व्यापक प्रशिक्षण लेना होगा। यह प्रशिक्षण 16 अप्रैल से 7 मई के बीच होगा, और इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से पूरी कर ली जानी चाहिए। अधिकारियों से यह भी कहा गया कि वे गिनती वाले ब्लॉक (enumeration blocks) की स्पष्ट सीमाओं के साथ सटीक सीमांकन सुनिश्चित करें। साथ ही, जियो-टैगिंग और मैपिंग के काम के लिए तकनीकी सहायकों की भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए।

आगामी जनगणना की एक खास बात बताते हुए गोयल ने कहा कि नागरिकों के लिए 'सेल्फ-एन्यूमरेशन' (self-enumeration) की सुविधा उपलब्ध होगी। उत्तर प्रदेश में सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल 7 मई से 21 मई, 2026 तक खुला रहेगा। इससे लोग अपने घरों का विवरण खुद भर सकेंगे।

बैठक को संबोधित करते हुए नारायण ने देश की विकास नीतियों को आकार देने में जनगणना के आंकड़ों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सटीकता और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इस कवायद को "जन आंदोलन" बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 पूरी तरह से डिजिटल मोड में आयोजित की जाएगी। डेटा संग्रह, प्रविष्टि, सत्यापन और निगरानी सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाएंगे।

जनगणना निदेशक शील वर्मा ने इस प्रक्रिया, समय-सीमा और अभ्यास के डिजिटल परिवर्तन पर एक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि पहला चरण - घर सूची और आवास जनगणना - 22 मई से 20 जून, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। जबकि दूसरा चरण, जनसंख्या गणना, 9 फरवरी से 28 फरवरी, 2027 तक होगी। इस बैठक में राजस्व के प्रमुख सचिव अपर्णा यू, सामान्य प्रशासन के प्रमुख सचिव मनीष चौहान और सचिव अभिषेक प्रकाश सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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