Operation Epic Fury Successful Us Victory Credit To Trump And Military Talks With Iran In Pakistan
अमेरिका की जीत: ऑपरेशन एपिक फ्यूरी सफल, ट्रंप और सेना को श्रेय, पाकिस्तान में होगी ईरान से वार्ता
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अमेरिका ने ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्ष-विराम पर जीत हासिल की है। इसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का नाम दिया गया है। इस अभियान में 13,000 से अधिक ठिकानों पर हमले हुए। 13 अमेरिकी सैनिकों ने जान गंवाई। अब उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद में ईरान से वार्ता करेंगे। यह अमेरिका की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका ने ईरान के साथ दो-सप्ताह के संघर्ष-विराम पर जीत का दावा किया है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेना की ' ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ' के तहत हासिल की गई सफलता बताया जा रहा है। इस ऑपरेशन में 13,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए, जिसमें 13 अमेरिकी सैनिकों ने अपनी जान गंवाई। अब इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद में ईरान के साथ वार्ता का नेतृत्व करेंगे।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इस जीत का श्रेय सीधे तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेना को दिया। उन्होंने कहा, "यह संयुक्त राज्य अमेरिका की एक जीत है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और हमारी अद्भुत सेना ने संभव कर दिखाया है।" लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने रणनीतिक सैन्य उद्देश्यों के साथ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू किया था, और अमेरिका ने इन उद्देश्यों को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है।संघर्ष-विराम की घोषणा के बाद, समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में अमेरिका का प्रतिनिधित्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे। लेविट ने स्पष्ट किया कि उपराष्ट्रपति वेंस ईरान के साथ होने वाली बातचीत में अमेरिका का नेतृत्व करेंगे।
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' एक बड़ा सैन्य अभियान था, जिसमें अमेरिकी सेना ने 13,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया। पेंटागन द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, इस अभियान में अमेरिका ने अपने 13 बहादुर सैनिकों को खो दिया।
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन, एयर फोर्स जनरल डैन केन ने इस ऑपरेशन के पैमाने और तीव्रता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “युद्ध कार्रवाई शुरू होने के बाद से, अमेरिकी संयुक्त बलों ने 13,000 से ज् यादा लक्ष्यों को निशाना बनाया।” उन्होंने आगे बताया कि इनमें से 4,000 से अधिक लक्ष्य ऐसे थे जो युद्ध के दौरान अचानक सामने आए और उन्हें तुरंत तेज कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम के जरिए निशाना बनाया गया।
इस ऑपरेशन में 10,000 से अधिक मिशन शामिल थे, जिनमें 62 बॉम्बर उड़ानें भी शामिल थीं। कुछ उड़ानें इतनी लंबी थीं कि अमेरिका से ईरान तक जाकर वापस आने में 30 घंटे से भी अधिक का समय लगा। जनरल केन ने इस क्षमता को अमेरिका की लॉजिस्टिक ताकत का एक अनूठा उदाहरण बताया और कहा कि दुनिया में कोई और सेना ऐसा नहीं कर सकती।
लेविट ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में शहीद हुए 13 अमेरिकी सैनिकों के बलिदान को याद करते हुए गहरा सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे हम इस प्रगति को देख रहे हैं, हम उन 13 अमेरिकी नायकों को भी याद करते हैं और उन्हें सम्मान देते हैं, जिन्होंने इस नेक काम में अपनी जान कुर्बान कर दी।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे पता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और हमारा कृतज्ञ राष्ट्र उनके इस सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करता है, और हम उन्हें कभी नहीं भूलेंगे। ईश्वर उनके परिवारों पर कृपा करे।"
यह संघर्ष-विराम अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के माध्यम से अमेरिका ने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया है, और अब कूटनीतिक मोर्चे पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस सफलता को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। इस ऑपरेशन की सफलता और इसमें खोए गए सैनिकों के बलिदान को अमेरिका एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहा है।