महिला कर्जदारांचा क्रेडिट पोर्टफोलिओ ₹76 लाख कोटींवर, NITI आयोगाच्या अहवालात मोठा खुलासा

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नीति आयोग की रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि भारत में महिला उधारकर्ताओं का क्रेडिट पोर्टफोलियो ₹76 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि महिलाएं अब औपचारिक क्रेडिट सिस्टम में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। 2017 से महिलाओं के क्रेडिट एक्सपोजर में 4.8 गुना की वृद्धि हुई है।

women borrowers credit portfolio reaches 76 lakh crore major revelation in niti aayog report
नई दिल्ली [भारत], 8 अप्रैल (एएनआई): नीति आयोग ने बुधवार को एक रिपोर्ट में बताया कि भारत में महिला उधारकर्ताओं का क्रेडिट पोर्टफोलियो अब 76 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो कुल सिस्टम क्रेडिट का 26% है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2017 से महिलाओं के क्रेडिट एक्सपोजर में 4.8 गुना की वृद्धि हुई है। यह दर्शाता है कि महिलाएं अब सिर्फ औपचारिक क्रेडिट सिस्टम तक पहुंच बनाने के बजाय उसमें सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं और आगे बढ़ रही हैं।

यह रिपोर्ट ट्रांसयूनियन सिबिल (TransUnion CIBIL) और माइक्रोसेव कंसल्टिंग (MSC) ने महिला उद्यमिता मंच (WEP) के तहत तैयार की है। नीति आयोग की सीईओ निधि छिब्बर ने महिलाओं की औपचारिक क्रेडिट तक पहुंच बढ़ाने के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "आर्थिक विकास तब आगे बढ़ता है जब बाजारों में भागीदारी व्यापक, गहरी और अधिक कुशल हो जाती है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और औपचारिक क्रेडिट सिस्टम के मेल ने आर्थिक भागीदारी को रिकॉर्ड करने और वित्तपोषित करने के तरीके को काफी बदल दिया है। इस रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि महिलाएं इन बदलावों को कैसे आकार दे रही हैं और उनसे लाभान्वित हो रही हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि महिला उधारकर्ता शुरुआती स्तर के क्रेडिट से आगे बढ़कर खुदरा और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए ऋण ले रही हैं, जो उनकी वित्तीय क्षमता को मजबूत करने और गहरी आर्थिक एकीकरण का संकेत देता है।"
रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2017 से दिसंबर 2025 के बीच, क्रेडिट-सक्रिय महिला उधारकर्ताओं की संख्या में सालाना 9% की चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) देखी गई, जबकि महिलाओं के बीच क्रेडिट की पहुंच 19% से बढ़कर 36% हो गई। 2017 में महिलाओं को दिया गया कुल बकाया ऋण 16 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 76 लाख करोड़ रुपये हो गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में लगभग 45 करोड़ क्रेडिट-योग्य महिलाएं हैं, जिससे भविष्य में और विस्तार की काफी संभावनाएं हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस वृद्धि में व्यावसायिक क्रेडिट का विशेष योगदान रहा है। 2022 से 2025 के बीच महिला व्यवसाय उधारकर्ताओं को दिए गए क्रेडिट में 31% की CAGR देखी गई, जबकि समग्र व्यावसायिक क्रेडिट में यह दर 17% रही। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि माइक्रोफाइनेंस (MF) से जुड़े उधारकर्ता धीरे-धीरे व्यक्तिगत खुदरा और व्यावसायिक ऋणों की ओर बढ़ रहे हैं। वर्तमान में, सक्रिय माइक्रोफाइनेंस संस्थान (MFI) उधारकर्ताओं में से 19% ऐसे ऋण ले रहे हैं।

यह रिपोर्ट लगभग 16 करोड़ (160 मिलियन) क्रेडिट-सक्रिय महिलाओं के क्रेडिट ब्यूरो डेटा पर आधारित है। इसमें 161 ग्रामीण महिला नैनो-उद्यमियों के साथ किए गए प्राथमिक शोध को भी शामिल किया गया है, जिससे मात्रात्मक और व्यवहारिक दोनों तरह की जानकारी मिली है। इस साल की रिपोर्ट में माइक्रोफाइनेंस डेटा को भी शामिल किया गया है, जिससे यह क्रेडिट इकोसिस्टम में महिलाओं की पहुंच और प्रगति का एक व्यापक मूल्यांकन प्रस्तुत करती है।

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