Peace Restoration In Assam Army Flag March In Kokrajhar Peace Meeting In Presence Of Ministers
असम में शांति बहाली: कोकराझार में सेना का फ्लैग मार्च, मंत्रियों की मौजूदगी में शांति बैठक
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कोकराझार में दो समुदायों के बीच हुई हिंसा के बाद सेना ने फ्लैग मार्च किया। मंत्रियों की मौजूदगी में शांति बैठकें हुईं। प्रशासन ने राहत शिविर लगाए हैं। अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित की गई हैं। पुलिस ने 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच जारी है। स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
कोकराझार, 21 जनवरी (भाषा) असम के कोकराझार जिले में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद सेना ने फ्लैग मार्च किया और शांति बैठकें आयोजित कीं। इस हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी और आगजनी की घटनाएं भी हुई थीं। राज्य के दो मंत्रियों की मौजूदगी में हुई इन बैठकों का उद्देश्य शांति बहाली और विश्वास कायम करना था।
हिंसा की जड़ और सेना की तैनातीयह घटना सोमवार रात को करीगांव चौकी के अंतर्गत मानसिंह रोड पर हुई। एक गाड़ी से दो आदिवासी व्यक्तियों को टक्कर लग गई, जबकि गाड़ी में तीन बोडो लोग सवार थे। इस हादसे के बाद आदिवासी ग्रामीणों ने तीनों बोडो लोगों के साथ मारपीट की और वाहन को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने मंगलवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीन अन्य घायल हुए हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मंगलवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब बोडो और आदिवासी दोनों समुदायों के लोगों ने करीगांव चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। उन्होंने टायर जलाए, एक सरकारी कार्यालय में आग लगा दी और करीगांव पुलिस चौकी पर हमला भी किया। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी सहित कई लोग घायल हो गए।
इन घटनाओं के मद्देनजर, कोकराझार और पड़ोसी जिले चिरांग में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सेना की चार टुकड़ियां जिले में तैनात हैं और वे जिला प्रशासन के साथ मिलकर संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही हैं। सेना का मकसद लोगों में विश्वास कायम करना है। रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि सेना के जवानों ने मंगलवार रात को जिला प्रशासन के साथ मिलकर करीगांव और उसके आसपास के प्रभावित इलाकों में गश्त की।
शांति बहाली के प्रयास
राज्य के दो मंत्रियों, जयंता मल्ला बरुआ और चरण बोरो, को मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने स्थिति की समीक्षा करने और शांति सुनिश्चित करने के लिए कोकराझार भेजा। जिला प्रशासन ने एक शांति बैठक का आयोजन किया, जिसमें दोनों मंत्रियों, बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) के प्रमुख हाग्रामा मोहिलारी और विभिन्न समुदायों के नागरिक समाज के प्रमुख सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में सभी हितधारकों ने शांति और सद्भाव से रहने पर सहमति जताई। मंत्री जयंता मल्ला बरुआ ने बताया कि जिला प्रशासन प्रभावित गांवों में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण कर रहा है और सर्वेक्षण पूरा होने के बाद मुआवजे की राशि तय की जाएगी।
राहत शिविर और लोगों की अपील
हमलों के डर से करीगांव के कई ग्रामीण अपने घर छोड़कर चले गए थे। ऐसे लोगों के लिए कोकराझार जिला प्रशासन ने करीगांव हाई स्कूल और ग्वाजनपुरी अमनपारा हाई स्कूल में दो राहत शिविर स्थापित किए हैं। इन शिविरों में 1,200 से अधिक लोगों ने शरण ली है। हालांकि, अधिकारी लोगों से सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा रखने और अपने घरों में लौटने की अपील कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर अफवाहें और कार्रवाई
पुलिस महानिरीक्षक (कानून और व्यवस्था) अखिलेश सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम से कोई नई घटना सामने नहीं आई है और स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो फैला रहे हैं, जिससे लोगों को बचना चाहिए। ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
गिरफ्तारियां और जांच
आईजीपी (बीटीसी) विवेकराज सिंह ने बताया कि इस घटना में संलिप्तता के आरोप में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। अखिलेश सिंह ने यह भी कहा कि मामले की जांच की जाएगी, लेकिन फिलहाल किसी आतंकवादी संगठन से संबंध होने का कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह घटना एक दुर्घटना के कारण हुई और इससे दोनों समुदायों के बीच अविश्वास पैदा हुआ, लेकिन अब जिले में स्थिति सामान्य हो रही है।
सुरक्षा उपाय और प्रतिबंध
कोकराझार और चिरांग जिलों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सुरक्षा बलों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त की जा रही है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत कोकराझार जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। गृह विभाग ने एहतियात के तौर पर कोकराझार और चिरांग जिलों में सभी मोबाइल सेवा प्रदाताओं की इंटरनेट/मोबाइल डेटा सेवा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इसका उद्देश्य अफवाहों को फैलने से रोकना और शांति बनाए रखना है।
कुल मिलाकर, कोकराझार में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन प्रशासन और सुरक्षा बल किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सतर्क हैं। समुदायों के बीच विश्वास बहाली और स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए प्रयास जारी हैं।