गणतंत्र दिवस परेड 2024: 2500 कलाकार, वंदे मातरम थीम पर भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति का फुल ड्रेस रिहर्सल

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गणतंत्र दिवस परेड 2024 के लिए कर्तव्य पथ पर 2500 कलाकारों ने वंदे मातरम थीम पर फुल ड्रेस रिहर्सल किया। खराब मौसम के बावजूद, कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों का अभ्यास किया। यह सांस्कृतिक प्रस्तुति परेड का मुख्य आकर्षण होगी। इस बार की परेड का मुख्य विषय 'वंदे मातरम के 150 साल' है। यह भारत की विविधता और एकता को दर्शाएगा।

republic day parade 2024 full dress rehearsal of grand cultural presentation on vande mataram theme by 2500 artists
नई दिल्ली, 24 जनवरी (PTI) - गणतंत्र दिवस परेड के लिए कर्तव्य पथ पर होने वाले भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का फुल ड्रेस रिहर्सल शनिवार को हुआ। इस दौरान करीब 2,500 कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों का अभ्यास किया। यह रिहर्सल इसलिए खास थी क्योंकि शुक्रवार को खराब मौसम के कारण फ्लाईपास्ट और सांस्कृतिक प्रदर्शन के कुछ हिस्से नहीं हो पाए थे। यह सांस्कृतिक प्रस्तुति परेड का एक बड़ा आकर्षण होगी।

शुक्रवार को भी परेड का फुल ड्रेस रिहर्सल हुआ था, जिसमें सेना के जवान और कलाकार कर्तव्य पथ पर मार्च करते दिखे। हालांकि, सुबह की बारिश ने कुछ देर के लिए कार्यक्रम में बाधा डाली। लेकिन शनिवार को कलाकारों ने अपनी पूरी तैयारी का प्रदर्शन किया।
इस बार की परेड का मुख्य विषय 'वंदे मातरम के 150 साल' है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का व्यापक विषय 'स्वतंत्रता का मंत्र - वंदे Mataram' और 'समृद्धि का मंत्र - विकसित भारत' होगा। यह भारत की विविधता और एकता को दर्शाएगा।

इस भव्य प्रस्तुति के पीछे कई प्रतिभाशाली लोगों की मेहनत है। संगीत निर्देशक एम एम कीरवानी हैं, जिन्होंने संगीत को जीवंत बनाया है। गीतकार सुभाष सहगल ने शब्दों को पिरोया है। अनुपम खेर अपनी आवाज़ से कहानी कहेंगे, और संतोष नायर ने नृत्य निर्देशन की कमान संभाली है। इन सभी का मार्गदर्शन संध्या पुर ने किया है। वहीं, संध्या रमन ने रचनात्मक डिजाइन और वेशभूषा को आकार दिया है।

यह सांस्कृतिक प्रदर्शन भारत की विभिन्न नृत्य शैलियों का एक शानदार संगम होगा। करीब 2,500 कलाकार देश के अलग-अलग हिस्सों से आकर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। यह परेड का एक ऐसा हिस्सा है जिसका दर्शक बेसब्री से इंतज़ार करते हैं।

शुक्रवार को हुए रिहर्सल में सेना के जवानों ने भी अपनी परेड का अभ्यास किया। वे कर्तव्य पथ पर अनुशासित तरीके से मार्च करते हुए नज़र आए। बारिश के बावजूद, उन्होंने अपनी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी।

इस बार की परेड में 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाया जाएगा। यह एक ऐतिहासिक अवसर है और इसे खास बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। 'स्वतंत्रता का मंत्र - वंदे Mataram' और 'समृद्धि का मंत्र - विकसित भारत' जैसे विषयों के माध्यम से देश की उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं को दर्शाया जाएगा।

कलाकारों के साथ-साथ, इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रचनात्मक टीम का भी बड़ा योगदान है। एम एम कीरवानी का संगीत, सुभाष सहगल के बोल, अनुपम खेर का कथन और संतोष नायर का कोरियोग्राफी मिलकर एक यादगार अनुभव बनाएंगे। संध्या पुरea के निर्देशन में यह सब संभव हुआ है। संध्या रमन की रचनात्मकता और वेशभूषा ने इसे और भी आकर्षक बना दिया है।