Chinas Call To Iran To Open The Strait Of Hormuz Praises Nuclear Commitment
चीन का ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का आह्वान, परमाणु प्रतिबद्धता की सराहना
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चीन ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द खोलने का आह्वान किया है। चीन ने ईरान की परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता की भी सराहना की है। यह सब तब हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत चल रही है।
चीन ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द फिर से खोलने का आग्रह किया है। चीन ने ईरान की परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता की सराहना भी की, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक प्रमुख मांग थी। यह सब तब हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत चल रही है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से मुलाकात की और इस मुद्दे पर चर्चा की।
चीन ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द फिर से खोलने का जोरदार आह्वान किया है। यह मांग ऐसे समय में आई है जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत चल रही है। चीन ने ईरान की परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता की भी सराहना की है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक मुख्य शर्त थी। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने तेहरान में अपने समकक्ष अब्बास अराघची से मुलाकात के दौरान कहा कि पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सामान्य और सुरक्षित आवागमन को बहाल करने को लेकर चिंतित है। चीन को उम्मीद है कि संबंधित पक्ष इस मजबूत अंतरराष्ट्रीय मांग पर जल्द से जल्द प्रतिक्रिया देंगे।खास बात यह है कि वांग यी ने ईरान की परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता की सराहना की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से समृद्ध यूरेनियम का भंडार सौंपने और अगले 20 वर्षों तक परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता जताने की मांग कर रहे हैं। वांग यी ने अराघची से कहा, "चीन ईरान की परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता की सराहना करता है, और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के ईरान के वैध अधिकार की पुष्टि करता है।"
ईरान के विदेश मंत्री, जो फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद बीजिंग की अपनी पहली यात्रा पर थे, ने वांग यी को युद्ध समाप्त करने के लिए वाशिंगटन के साथ चल रही बातचीत के बारे में जानकारी दी। वांग यी ने कहा, "चीन का मानना है कि एक व्यापक युद्धविराम एक अत्यावश्यक प्राथमिकता है, जबकि शत्रुता को फिर से शुरू करना और भी अवांछनीय होगा।"
चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, अराघची ने कहा, "फिलहाल, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के मुद्दे को शीघ्रता से हल करने को प्राथमिकता दी जा सकती है।" उन्होंने यह भी कहा, "ईरान अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और राष्ट्रीय गरिमा की दृढ़ता से रक्षा करेगा और साथ ही शांतिपूर्ण वार्ता के माध्यम से आम सहमति बनाने और एक व्यापक और स्थायी समाधान के प्रयास जारी रखेगा।"
वांग यी ने कहा कि चीन का मानना है कि खाड़ी और मध्य पूर्व के देशों को "अपना भविष्य खुद अपने हाथों में लेना चाहिए"। इस सुझाव को बीजिंग के उस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है जिसके तहत वह सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भरता कम करने की ओर इशारा कर रहा है। उन्होंने कहा, "ईरान और अन्य खाड़ी देशों को चीन संवाद में शामिल होने और अच्छे पड़ोसी के रूप में संबंध स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करता है और व्यापक भागीदारी, साझा हितों और सामान्य विकास के साथ क्षेत्रीय देशों के नेतृत्व में एक क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा ढांचा स्थापित करने का समर्थन करता है।"
ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, बुधवार को ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने फोन पर क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की और नए तनाव से बचने के लिए राजनयिक प्रयासों और क्षेत्रीय सहयोग को जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। अराघची की यह एक दिवसीय यात्रा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 14 से 15 मई तक बीजिंग की पूर्वनियोजित यात्रा से एक सप्ताह पहले हो रही है, जहां वह अपने चीनी समकक्ष शी चिनफिंग के साथ व्यापक व्यापार समझौते सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
यहां की आधिकारिक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद चीन की अपनी पहली यात्रा पर आए अराघची और वांग यी ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नाकाबंदी के कारण उत्पन्न स्थिति पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की। यह नाकाबंदी ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी हटाने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से की गई है। चीन ईरान का एक करीबी सहयोगी है और तेहरान के कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है।
अराघची की यह यात्रा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा मंगलवार को ईरान के खिलाफ प्रमुख अमेरिकी सैन्य अभियानों की समाप्ति की घोषणा की पृष्ठभूमि में हो रही है। रुबियो ने अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' में पत्रकारों को बताया कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किया गया 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' समाप्त हो गया है क्योंकि इसके उद्देश्य पूरे हो गए हैं।
रुबियो ने इससे पहले चीन से अराघची को यह बताने का आग्रह किया था कि इस तरह की कार्रवाइयों के कारण ईरान "वैश्विक स्तर पर अलग-थलग" पड़ जाएगा। अराघची की चीन यात्रा के दौरान रुबियो ने दोहराया कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी नाकेबंदी हटानी चाहिए, जो एक अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जिसके माध्यम से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा गुजरता है।
मीडिया रिपोर्ट में रुबियो के हवाले से कहा गया है, "मुझे उम्मीद है कि चीनी उन्हें वह बताएंगे जो उन्हें बताया जाना चाहिए और वह यही है कि जलडमरूमध्य में आप (ईरान) जो कर रहे हैं, उसी के कारण आप वैश्विक स्तर पर अलग-थलग पड़ रहे हैं।" उन्होंने कहा कि अमेरिका से कहीं अधिक चीन, ईरान की जलडमरूमध्य संबंधी कार्रवाइयों से प्रभावित हो रहा है क्योंकि उसकी निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था होर्मुज से होकर गुजरने वाले माल पर निर्भर करती है। रुबियो ने कहा कि चीन के हित में यही है कि ईरान जलडमरूमध्य को बंद नहीं करे और कई देश होर्मुज को खोलने में मदद करना चाहते हैं, लेकिन कुछ देश ऐसा नहीं कर सकते।
चीन और अमेरिका दोनों ही ट्रंप की यात्रा से पहले पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का अंत चाहते हैं। इस बात की भी व्यापक रूप से चर्चा है कि चीन पाकिस्तान की मदद कर रहा है, जो वर्तमान में संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है। अन्य खाड़ी देशों के साथ घनिष्ठ संबंध रखने वाला चीन कथित तौर पर ईरान को अमेरिका के साथ समझौता करने की सलाह दे रहा है। अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की चीन ने कड़ी आलोचना की है, जिससे बीजिंग पर अपनी ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने का दबाव पड़ रहा है।
चीन ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द फिर से खोलने का आग्रह किया है। यह मांग ऐसे समय में आई है जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत चल रही है। चीन ने ईरान की परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता की भी सराहना की है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक मुख्य शर्त थी। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने तेहरान में अपने समकक्ष अब्बास अराघची से मुलाकात के दौरान कहा कि पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सामान्य और सुरक्षित आवागमन को बहाल करने को लेकर चिंतित है। चीन को उम्मीद है कि संबंधित पक्ष इस मजबूत अंतरराष्ट्रीय मांग पर जल्द से जल्द प्रतिक्रिया देंगे।
वांग यी ने ईरान की परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता की सराहना की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से समृद्ध यूरेनियम का भंडार सौंपने और अगले 20 वर्षों तक परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता जताने की मांग कर रहे हैं। वांग यी ने अराघची से कहा, "चीन ईरान की परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता की सराहना करता है, और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के ईरान के वैध अधिकार की पुष्टि करता है।"
ईरान के विदेश मंत्री, जो फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद बीजिंग की अपनी पहली यात्रा पर थे, ने वांग यी को युद्ध समाप्त करने के लिए वाशिंगटन के साथ चल रही बातचीत के बारे में जानकारी दी। वांग यी ने कहा, "चीन का मानना है कि एक व्यापक युद्धविराम एक अत्यावश्यक प्राथमिकता है, जबकि शत्रुता को फिर से शुरू करना और भी अवांछनीय होगा।"
चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, अराघची ने कहा, "फिलहाल, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के मुद्दे को शीघ्रता से हल करने को प्राथमिकता दी जा सकती है।" उन्होंने यह भी कहा, "ईरान अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और राष्ट्रीय गरिमा की दृढ़ता से रक्षा करेगा और साथ ही शांतिपूर्ण वार्ता के माध्यम से आम सहमति बनाने और एक व्यापक और स्थायी समाधान के प्रयास जारी रखेगा।"
वांग यी ने कहा कि चीन का मानना है कि खाड़ी और मध्य पूर्व के देशों को "अपना भविष्य खुद अपने हाथों में लेना चाहिए"। इस सुझाव को बीजिंग के उस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है जिसके तहत वह सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भरता कम करने की ओर इशारा कर रहा है। उन्होंने कहा, "ईरान और अन्य खाड़ी देशों को चीन संवाद में शामिल होने और अच्छे पड़ोसी के रूप में संबंध स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करता है और व्यापक भागीदारी, साझा हितों और सामान्य विकास के साथ क्षेत्रीय देशों के नेतृत्व में एक क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा ढांचा स्थापित करने का समर्थन करता है।"
ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, बुधवार को ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने फोन पर क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की और नए तनाव से बचने के लिए राजनयिक प्रयासों और क्षेत्रीय सहयोग को जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। अराघची की यह एक दिवसीय यात्रा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 14 से 15 मई तक बीजिंग की पूर्वनियोजित यात्रा से एक सप्ताह पहले हो रही है, जहां वह अपने चीनी समकक्ष शी चिनफिंग के साथ व्यापक व्यापार समझौते सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
यहां की आधिकारिक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद चीन की अपनी पहली यात्रा पर आए अराघची और वांग यी ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नाकाबंदी के कारण उत्पन्न स्थिति पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की। यह नाकाबंदी ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी हटाने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से की गई है। चीन ईरान का एक करीबी सहयोगी है और तेहरान के कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है।
अराघची की यह यात्रा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा मंगलवार को ईरान के खिलाफ प्रमुख अमेरिकी सैन्य अभियानों की समाप्ति की घोषणा की पृष्ठभूमि में हो रही है। रुबियो ने अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' में पत्रकारों को बताया कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किया गया 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' समाप्त हो गया है क्योंकि इसके उद्देश्य पूरे हो गए हैं।
रुबियो ने इससे पहले चीन से अराघची को यह बताने का आग्रह किया था कि इस तरह की कार्रवाइयों के कारण ईरान "वैश्विक स्तर पर अलग-थलग" पड़ जाएगा। अराघची की चीन यात्रा के दौरान रुबियो ने दोहराया कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी नाकेबंदी हटानी चाहिए, जो एक अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जिसके माध्यम से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा गुजरता है।
मीडिया रिपोर्ट में रुबियो के हवाले से कहा गया है, "मुझे उम्मीद है कि चीनी उन्हें वह बताएंगे जो उन्हें बताया जाना चाहिए और वह यही है कि जलडमरूमध्य में आप (ईरान) जो कर रहे हैं, उसी के कारण आप वैश्विक स्तर पर अलग-थलग पड़ रहे हैं।" उन्होंने कहा कि अमेरिका से कहीं अधिक चीन, ईरान की जलडमरूमध्य संबंधी कार्रवाइयों से प्रभावित हो रहा है क्योंकि उसकी निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था होर्मुज से होकर गुजरने वाले माल पर निर्भर करती है। रुबियो ने कहा कि चीन के हित में यही है कि ईरान जलडमरूमध्य को बंद नहीं करे और कई देश होर्मुज को खोलने में मदद करना चाहते हैं, लेकिन कुछ देश ऐसा नहीं कर सकते।
चीन और अमेरिका दोनों ही ट्रंप की यात्रा से पहले पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का अंत चाहते हैं। इस बात की भी व्यापक रूप से चर्चा है कि चीन पाकिस्तान की मदद कर रहा है, जो वर्तमान में संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है। अन्य खाड़ी देशों के साथ घनिष्ठ संबंध रखने वाला चीन कथित तौर पर ईरान को अमेरिका के साथ समझौता करने की सलाह दे रहा है। अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की चीन ने कड़ी आलोचना की है, जिससे बीजिंग पर अपनी ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने का दबाव पड़ रहा है।