उत्तराखंड: सीएम धामी ने चंपावत, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ में विकास योजनाओं के लिए 4.42 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों में विकास कार्यों के लिए 4.42 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इन जिलों में पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर दिया गया है। लोहाघाट में भिंगराड़ा मंदिर और मां पूर्णागिरी धाम यात्रा मार्ग का सौंदर्यीकरण होगा।

development wings in 3 districts of uttarakhand cm dhami grants financial sanction of 442 crore
देहरादून, 6 मई: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के तीन जिलों - चम्पावत, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में विकास कार्यों को गति देने के लिए कुल 4.42 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं के प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए संबंधित विभागों को काम तेजी से और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने चम्पावत जिले के लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए धनराशि मंजूर की है। 'भिंगराड़ा मंदिर सील का सौंदर्यकरण' के लिए 74.25 लाख रुपये की कुल स्वीकृति में से बचे हुए 29.70 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा, 'कंकराली टनकपुर से मां पूर्णागिरी धाम तक यात्रा मार्ग में स्ट्रीट लाइट स्थापना' के लिए 5 करोड़ रुपये की स्वीकृति में से 2 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। इन मंजूरियों से इन धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास होगा और श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
उत्तरकाशी जिले के पुरोला विधानसभा क्षेत्र में भी विकास कार्य आगे बढ़ेंगे। 'न्याय पंचायत मुख्यालय जखोल/फिताड़ी में श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण का समतलीकरण एवं सौंदर्यीकरण' के लिए 1.43 करोड़ रुपये की कुल स्वीकृति में से, पहले 10 लाख रुपये जारी किए जा चुके थे। अब शेष धनराशि का 60 प्रतिशत, यानी 80.06 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। इससे इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल का कायाकल्प होगा।

पिथौरागढ़ जिले के लिए 'एक जनपद-एक नदी' योजना के तहत एक बड़ी पहल को मंजूरी मिली है। जिला स्तरीय कार्यकारी समिति (डीएलईसी) और राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति (एसएआरआरए) की बैठक में अनुमोदित इस योजना के तहत पिथौरागढ़ की गुरघटिया नदी को पुनर्जीवित करने का काम शुरू होगा। इसके लिए 6.59 करोड़ रुपये की कुल लागत में से, पहले चरण के तौर पर 40 प्रतिशत धनराशि, यानी 1.32 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों को बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

मुख्यमंत्री धामी ने सभी स्वीकृत योजनाओं के समय पर और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर दिया है। इन विकास परियोजनाओं से तीनों जिलों में पर्यटन, धार्मिक स्थलों का विकास और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है। यह वित्तीय स्वीकृति प्रदेश के विकास को नई दिशा देगी।

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