ईरान अमेरिका-इजरायल युद्ध खत्म करने को तैयार, कूटनीतिक रास्ते अपनाने पर जोर

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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि उनका देश अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक रास्ते अपनाने को तैयार है। उन्होंने ईरान के अधिकारों की सुरक्षा पर भी जोर दिया है। यह बयान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान आया।

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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि उनका देश अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक रास्ते अपनाने को तैयार है, लेकिन साथ ही उन्होंने ईरान के अधिकारों की सुरक्षा पर भी जोर दिया है। यह बयान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान आया, जिसमें पेजेश्कियन ने अमेरिका पर गहरा भरोसा न जताते हुए हाल की दुश्मनी भरी कार्रवाइयों का जिक्र किया, जिसमें द्विपक्षीय बातचीत के दौरान ईरान पर दो हमले भी शामिल थे। उन्होंने अमेरिका की इस कार्रवाई को "ईरान की पीठ में छुरा घोंपना" बताया। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब एक्सियोस ने रिपोर्ट दी कि अमेरिका और ईरान लड़ाई खत्म करने के लिए एक पेज के मेमो पर काम कर रहे हैं, जिसमें ईरान न्यूक्लियर संवर्धन पर रोक लगाने और अमेरिकी प्रतिबंध हटाने पर सहमत होगा, और दोनों पक्ष होर्मुज स्ट्रेट से ट्रांजिट पर लगी रोक हटा देंगे।

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच 40 दिनों की लड़ाई के बाद 8 अप्रैल को दो हफ्ते के लिए सीजफायर हुआ था। यह लड़ाई 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों से शुरू हुई थी। सीजफायर के बाद, ईरान और अमेरिका ने 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शांति वार्ता की, लेकिन इस बातचीत का कोई हल नहीं निकला था। पिछले कुछ हफ्तों में दोनों पक्षों ने लड़ाई खत्म करने के लिए कई प्रस्तावित प्लान शेयर किए हैं, जिनमें से सबसे नए प्लान का ईरान अभी समीक्षा कर रहा है। इसके अलावा, ईरान ने कहा कि उसने अमेरिका के साथ कोई नया लिखित संदेश एक्सचेंज नहीं किया है।
अर्ध सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने हाल की मीडिया रिपोर्ट्स को मनगढ़ंत बताया और कहा कि उन्हें जमीनी हालात दिखाने के बजाय ग्लोबल मार्केट पर असर डालने और तेल की कीमतें कम करने के लिए डिजाइन किया गया था। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने मैक्रों के साथ बातचीत में यह भी कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी तरह के परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और वह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है।

ईरानी राष्ट्रपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि ईरान अपने क्षेत्रीय हितों की रक्षा करेगा और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता का समर्थक है और वह सभी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाना चाहता है। पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा और वह अपनी रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। दोनों देशों के बीच कई बार सीधी और अप्रत्यक्ष बातचीत हुई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है। ईरान चाहता है कि अमेरिका इन प्रतिबंधों को हटा दे ताकि वह अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर ला सके।

राष्ट्रपति पेजेश्कियन का यह बयान एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह दर्शाता है कि ईरान युद्ध के बजाय कूटनीति के माध्यम से अपने मुद्दों को हल करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ईरान अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका और इजरायल इस बयान पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं और क्या यह बातचीत शांति की ओर ले जाती है।

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