Operation Sindoor Indias First Anniversary Of Decisive Victory Against Terrorism
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ता और राष्ट्रीय सुरक्षा का सफल प्रदर्शन
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भारत ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मनाई। यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ देश की मजबूत कार्रवाई का प्रतीक है। पहलगाम हमले के जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओजेके में आतंकी ठिकानों को तबाह किया। इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए। भारत ने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया।
नई दिल्ली [भारत], 7 मई (एएनआई): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मनाई। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ अपनी मजबूत कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में सशस्त्र बलों की भूमिका की सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद और देश की संप्रभुता व नागरिकों को खतरा पहुंचाने वाली ताकतों के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प का एक मजबूत उदाहरण है। राष्ट्रपति मुर्मू के आधिकारिक एक्स हैंडल से साझा की गई एक पोस्ट में कहा गया, "ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद और उन सभी ताकतों के खिलाफ भारत के अटूट संकल्प का एक निर्णायक प्रमाण है जो हमारी संप्रभुता और हमारे नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। इस मिशन की असाधारण सफलता हमारे सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।"
राष्ट्रपति ने आगे कहा, "पहलगाम में हुए क्रूर हमले का माकूल और मिसाल कायम करने वाली सटीकता से जवाब दिया गया। जो लोग भारत को धमकाने की कोशिश करते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि हमारा राष्ट्र सतर्क, एकजुट और मजबूती से जवाब देने के लिए तैयार है। आज, देश हमारे सैनिकों की अदम्य बहादुरी, बलिदान और व्यावसायिकता को सलाम करता है।"यह ऑपरेशन पहलगाम में हुए उस आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इस हमले के जवाब में भारत ने एक मजबूत सैन्य कार्रवाई की। 7 मई, 2025 को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर में, भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (PoJK) में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के नौ बड़े आतंकी लॉन्चपैड को सफलतापूर्वक तबाह कर दिया था। इस कार्रवाई में भारतीय सशस्त्र बलों ने 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया था।
पाकिस्तान ने ड्रोन हमलों और गोलाबारी से जवाब दिया, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच चार दिनों का संघर्ष छिड़ गया। भारत ने अपनी मजबूत रक्षा क्षमता का प्रदर्शन किया और जवाबी कार्रवाई करते हुए लाहौर में रडार प्रतिष्ठानों और गुरजानवाला के पास रडार सुविधाओं को नष्ट कर दिया। भारी नुकसान के बाद, पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने भारतीय DGMO से संपर्क किया और 10 मई को एक युद्धविराम पर सहमति बनी, जिससे शत्रुता समाप्त हो गई।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने ट्वीट में कहा, "ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद और उन सभी ताकतों के खिलाफ भारत के अटूट संकल्प का एक निर्णायक प्रमाण है जो हमारी संप्रभुता और हमारे नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। इस मिशन की असाधारण सफलता हमारे सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।"
यह ऑपरेशन भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है। पहलगाम जैसे हमलों का मुंहतोड़ जवाब देकर भारत ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि वह अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने न केवल आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया, बल्कि पाकिस्तान को भी कड़ा संदेश दिया। इस ऑपरेशन की सफलता ने भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और पराक्रम को एक बार फिर साबित किया।
यह ऑपरेशन भारत की सैन्य शक्ति और आतंकवाद से लड़ने की उसकी प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। राष्ट्रपति की सराहना इस बात का प्रमाण है कि देश अपने सैनिकों के बलिदान और उनकी बहादुरी को कितना महत्व देता है। यह ऑपरेशन भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए एक निवारक के रूप में भी काम करेगा।