70 year old Duped In Online Scam Rs 27 Lakh Snatched In Nephews Name Cyber Police Investigating
70 वर्षीय बुजुर्ग ने ऑनलाइन धोखाधड़ी में खोए 2.7 लाख रुपये, जानें कैसे हुआ यह अपराध
TOI.in•
गुरुग्राम में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग रतन लाल ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए। एक ठग ने खुद को अमेरिका में रहने वाला भतीजा बताकर वीज़ा संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए 2.7 लाख रुपये ऐंठ लिए। बाद में और पैसों की मांग पर बुजुर्ग को ठगी का एहसास हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुरुग्राम में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग, रतन लाल, ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय कॉल आई, जिसमें ठग ने खुद को अमेरिका में रहने वाला उनका भतीजा बताया। ठग ने वीज़ा संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए तुरंत पैसे मांगे। लाल को पहले अपनी पत्नी के बैंक खाते का विवरण देने को कहा गया, ताकि वह अमेरिका से पैसे ट्रांसफर कर सके। इसके बाद, लाल को कई नंबरों से व्हाट्सएप मैसेज आए, जिनमें एक नकली एचएसबीसी ट्रांसफर स्लिप भी थी। ठग ने लाल पर वीज़ा रद्द होने का डर दिखाकर तुरंत 2.7 लाख रुपये एक वीज़ा एजेंट को ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। लाल ने सोचा कि उनका रिश्तेदार मुश्किल में है और उन्होंने कई बैंक ट्रांजेक्शन और यूपीआई के जरिए पैसे भेज दिए। बाद में, ठग ने फिर फोन किया और वीज़ा रद्द होने और खाते फ्रीज होने की बात कहकर टिकट रीबुकिंग और वीज़ा रिन्यूअल के लिए 3.4 लाख रुपये और मांगे। तब जाकर लाल को शक हुआ और उन्होंने अपने बेटे और दामाद से बात की, जिन्होंने उन्हें ठगी का एहसास दिलाया। साइबर पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।
बुजुर्ग रतन लाल, जो सेक्टर 59 के रहने वाले हैं, ने पुलिस को बताया कि 3 अक्टूबर को उन्हें एक अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को अमेरिका में रहने वाला उनका भतीजा बताया और कहा कि वह भारत आ रहा है। उसने वीज़ा से जुड़ी कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए तुरंत पैसे ट्रांसफर करने की मदद मांगी।ठग ने पहले रतन लाल से उनकी पत्नी के बैंक खाते का विवरण मांगा, ताकि वह अमेरिका से पैसे भेज सके। इसके तुरंत बाद, लाल को कई अलग-अलग नंबरों से व्हाट्सएप पर मैसेज आने लगे। इन मैसेज में एक नकली एचएसबीसी ट्रांसफर स्लिप भी थी, जिससे यह दिखाने की कोशिश की गई कि पैसे भेजे जा रहे हैं।
इसके बाद, ठग ने लाल पर और दबाव बनाया। उसने कहा कि वीज़ा रद्द हो सकता है और इसके लिए उन्हें तुरंत 2.7 लाख रुपये एक वीज़ा एजेंट को ट्रांसफर करने होंगे। लाल ने सोचा कि उनका रिश्तेदार सचमुच मुश्किल में है और उन्होंने कई बार में बैंक ट्रांसफर और यूपीआई के जरिए यह रकम भेज दी।
लेकिन ठगी यहीं नहीं रुकी। कुछ समय बाद, ठग ने फिर से फोन किया। उसने दावा किया कि उसका वीज़ा रद्द हो गया है और उसके बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। उसने टिकट दोबारा बुक कराने और वीज़ा रिन्यू कराने के लिए 3.4 लाख रुपये और मांगे। इस बार लाल को शक हुआ। उन्होंने अपने बेटे और दामाद से बात की, जिन्होंने उन्हें बताया कि यह एक ऑनलाइन ठगी है।
रतन लाल ने पुलिस से गुहार लगाई है कि इन ठगों को पकड़ा जाए। उन्होंने कहा कि एक बुजुर्ग के तौर पर अपनी मेहनत की कमाई खोना बहुत दुखद है। साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और 319 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है ताकि ठगों का पता लगाया जा सके और बुजुर्ग की रकम वापस दिलाने की कोशिश की जा सके। यह घटना ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है, जहां ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।