Old Gurgaon Metro Land Demanded For Staff Housing Project To Gain Momentum
ओल्ड गुड़गांव मेट्रो प्रॉजेक्ट : स्टाफ के लिए आवास बनाने की तैयारी
नवभारत टाइम्स•
ओल्ड गुड़गांव मेट्रो प्रॉजेक्ट को गति मिल रही है। अब प्रॉजेक्ट पर काम करने वाले स्टाफ के लिए आवास बनाने की योजना है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से मेट्रो रूट के पास जमीन मांगी है। यह जमीन करीब दो एकड़ होगी। इससे निर्माण कार्य में जुटे अधिकारी और कर्मचारी रह सकेंगे।
गुड़गांव: ओल्ड गुड़गांव मेट्रो प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए अब प्रोजेक्ट पर काम कर रही टीम के रहने की व्यवस्था पर भी काम शुरू हो गया है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवास बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए GMRL ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) को मेट्रो रूट के पास जमीन देने के लिए चिट्ठी लिखी है। GMRL का कहना है कि प्रोजेक्ट को अच्छे से चलाने और भविष्य में मेट्रो को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्टाफ का रूट के करीब रहना बहुत जरूरी है। इसके लिए करीब दो एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है। GMRL ने यह भी कहा है कि इस आवासीय परिसर के लिए फ्लोर एरिया रेश्यो (FAR) 175 प्रतिशत रखा जाए। अगर मेट्रो लाइन से 900 मीटर की दूरी पर जमीन मिलती है, तो सवा एकड़ जमीन काफी होगी।
शुरुआत में, इन घरों का इस्तेमाल मेट्रो के निर्माण में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के रहने के लिए किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने में मदद करेगा। जब मेट्रो का काम पूरा हो जाएगा और मेट्रो चलने लगेगी, तब इन संपत्तियों का इस्तेमाल मेट्रो के लिए कमाई का जरिया बनाने के लिए भी किया जा सकता है। इससे मेट्रो प्रोजेक्ट को और भी फायदा होगा।GMRL ने HSVP को लिखे पत्र में साफ तौर पर कहा है कि "परियोजना के सफल क्रियान्वयन और भविष्य में सुचारू संचालन के लिए स्टाफ का रूट के करीब होना आवश्यक है।" यह दिखाता है कि GMRL इस प्रोजेक्ट को लेकर कितनी गंभीर है। जमीन मिलने के बाद, GMRL जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करना चाहती है। यह कदम ओल्ड गुड़गांव मेट्रो प्रोजेक्ट को एक नई दिशा देगा और इसे तेजी से पूरा करने में मदद करेगा।
यह आवासीय परिसर न केवल कर्मचारियों के लिए सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि मेट्रो प्रोजेक्ट की कार्यक्षमता को भी बढ़ाएगा। स्टाफ के पास रहने की अच्छी व्यवस्था होने से वे अपने काम पर जल्दी पहुंच सकेंगे और प्रोजेक्ट में किसी भी तरह की देरी से बचा जा सकेगा। यह एक स्मार्ट कदम है जो प्रोजेक्ट की सफलता सुनिश्चित करेगा।